अंबिकापुर। साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता विषय पर आधारित कार्यक्रम विवेकानन्द विद्या निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अंबिकापुर एवं शासकीय कन्या व बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दरिमा में आयोजित किया गया। जागरूकता माह के दौरान विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशानुसार छात्रों को साइबर संबंधी मामलों में ‘रुके, सोचे और कार्रवाई करेंÓ की मूल भावना से परिचित कराया गया। म्यूल खातों एवं मोबाइल नंबर के दुरूपयोग, हेल्पलाइन नंबर, साइबर पोर्टल के उपयोग एवं साइबर ठगी करने हेतु ठगों द्वारा किए जाने वाले अपराधों के तरीके की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो ने विवेकानन्द विद्या निकेतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में साइबर क्राइम समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। इस प्रकार के अपराधों से बचने के लिए आवश्यक है कि हम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी को किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। उन्होंने साइबर अपराधों के विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को सावधान रहने की प्रेरणा दी और बताया कि साइबर जागरूकता ही इसका सबसे प्रभावी समाधान है। यातायात शाखा से उप निरीक्षक अभय तिवारी ने बताया किस प्रकार साइबर अपराधी लोगों को विभिन्न तरीकों से धोखा देते हैं और लोगों को उनके जाल में फंसा लेते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल पर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार की साइबर घटना की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा पोर्टल पर दें। साइबर विशेषज्ञ प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, आरक्षक अनुज जायसवाल, वीरेंद्र पैकरा ने तकनीकी दृष्टिकोण से बताया कि कैसे साइबर अपराधी सोशल मीडिया, गेमिंग ऐप्स और ऑनलाइन लेन-देन के माध्यम से लोगों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने सभी को ‘स्मार्ट यूजर-सेफ यूजरÓ बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम में पुलिस मितान एवं साइबर वॉलेंटियर्स अतुल गुप्ता, विक्की गुप्ता, श्रुति तिवारी एवं अनमोल बारी उपस्थित रहे, जिन्होंने जागरूकता संदेश और उपयोगी जानकारी साझा की। इस दौरान स्वामी तन्मयानंद, सचिव श्रीरामकृष्ण विवेकानन्द सेवा आश्रम, प्राचार्य काकोली गांगुली, कार्यक्रम अधिकारी रासेयो राकेश राय का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। अंत में सभी विद्यार्थियों से आग्रह किया गया कि वे अपने परिवार एवं मित्रों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें और सुरक्षित डिजिटल भारत के निर्माण में सहयोगी बनें।

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