मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा उपचार, बीच-बचाव में भाई भी घायल हुआ

अंबिकापुर। मां दुर्गा का विसर्जन करने मोहल्ले के लोगों और पूजन समिति के पदाधिकारियों के साथ गए कांग्रेस नेता और पूर्व ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष पर जानलेवा हमला करके सिर फोड़ने का मामला प्रकाश में आया है। बीच-बचाव के दौरान उनके भाई को भी गंभीर चोटें आई है। आरोपियों ने उनके पुत्र पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन विफल रहे। लहूलुहान हालत में घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, यहां इनका उपचार चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक बंग समाज के दिलीप धर मूलत: गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत भगवानपुर ग्राम के रहने वाले हैं। यहां दुर्गा पूजा समिति की ओर से भव्य पूजन कार्यक्रम का आयोजन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है, जिसके वे कई वर्षों तक अध्यक्ष रह चुके हैं। शुक्रवार, 3 अक्टूबर को देर शाम को मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित करने के लिए वे अपने भाई राजेन्द्र धर, पुत्र दीपेश धर सहित गांव के लोगों के साथ ग्राम सेमरा गए थे। यहां पहले से विशाल मजुमदार, अमर पाण्डेय, विनीत बोस, विशाल घोष, पवन विश्वास, उज्जवल सहित 15-20 लोग सड़क के किनारे चाकू, फाइटर, बैट सहित अन्य हथियार लेकर खड़े थे। इनकी मंशा से अनजान दिलीप धर व साथ गए लोग मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जित करने की तैयारी में लगे थे। इसी बीच सड़क के किनारे खड़े लोगों में से एक ने आकर बताया कि उनको मारने के लिए आए हैं, और अमर पाण्डेय अकारण विवाद करने लगा। दिलीप धर ने इसकी जानकारी फोन करके गांधीनगर थाना पुलिस को दी, और बताया कि विसर्जन स्थल पर आदतन बदमाशों की मौजूदगी है, जो किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित कर सकते हैं। आरोप है कि सूचना देने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। स्वयं को खतरे में देखकर वे अपने भाई और पुत्र के साथ रात के अंधेरे में निकलने को हुए, इस दौरान घात लगाकर बैठे लोगों की नजर उन पड़ी और सभी एकराय होकर उन पर हमला बोल दिए। भाई राजेन्द्र धर बीच-बचाव का कोशिश किया, जिस पर आरोपियों ने उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद आहत दिलीप धर के पुत्र को मारने की नीयत से आगे बढ़े तो वे अपने पुत्र को लेकर धान के खेत में छिप गए, जिससे इनकी जान बच गई। मारपीट होते देखकर विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होने आए लोगों के साथ ही अन्य लोगों की भीड़ बढ़ने लगी और आरोपी मौके से भाग गए। मारपीट में दोनों भाईयों को गंभीर चोटें आई हैं। दिलीप धर को सिर में आठ टांका और चेहरे में 5-6 टांका लगा है। इनका कहना है कि आरोपी उनकी सामाजिक सक्रियता को देखते हुए हत्या करने की नीयत से सुनियोजित तरीके से हथियार से लैस होकर आए थे। अगर उन्होंने सूझबूझ से काम नहीं लिया होता, तो उनके साथ पुत्र की जान भी खतरे में पड़ सकती थी।

घटना के बाद हमलावर दिखे थाने में
घायल दिलीप धर ने बताया कि विसर्जन स्थल पर भी सुरक्षा की दृष्टि से किसी प्रकार का प्रबंध नहीं था, जिससे बेखौफ होकर बदमाश पहले से हथियारों से लैस होकर खड़े थे। अप्रिय स्थिति निर्मित होने का अंदेशा जाहिर करने के बाद भी गांधीनगर थाना पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। अगर मौके पर पुलिस की मौजूदगी रहती, तो धार्मिक आयोजन के बीच ऐसी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होती। घटना के बाद एक आदतन बदमाश के साथ हमलावरों का गांधीनगर थाने में मौजूद होना भी सवालों के घेरे में है।

प्लानिंग के तहत जान लेने की कोशिश
दिलीप धर की पत्नी संजीता धर का कहना है कि अचानक हुए चौतरफा हमले में उनके पति को कुछ समझने का मौका नहीं मिला, जब वे बेटे के साथ भागने की कोशिश किए तो जानलेवा हमला करके उनका सिर फोड़ दिया। जेठ के साथ भी मारपीट किए। पुत्र दीपेश धर का कहना है कि घटनास्थल पर सबसे पहले अनर्गल बातें करके अमर पांडेय ने विवाद की स्थिति निर्मित की। इसके बाद प्लानिंग के तहत उनके पिता को जान से मारने की कोशिश की गई। विसर्जन में चाकू, बेस बॉल बैट, पंच जैसे हथियारों को लेकर जाना इनके अपराधिक मानसिकता को सामने ला रहा है।

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