शहर से निकले अंतर्राज्यीय मार्ग जोखिम से भरे, फिर भी जिम्मेदार कुंभकर्णी निद्रा में
अंबिकापुर। शहर से निकला अंतर्राज्यीय मार्ग जोखिम से भरा हुआ है। गड्ढे में सड़क होने के कारण आए दिन दोपहिया, तीन पहिया वाहनों के चालक ही नहीं, चार पहिया वाहन के चालक भी जोखिम भरा सफर करते नजर आते हैं। ऐसे हालातों के बीच अंबिकापुर-बनारस स्टेट हाइवे पर शासकीय पीजी कॉलेज मैदान के करीब एक निजी अस्पताल के सामने शनिवार की दोपहर एक ई-रिक्शा संतुलन बिगड़ने से पलट गई। ई-रिक्शा चालक सब्जियां लोड करके गांधीनगर की ओर जा रहा था। हादसे में चालक को गंभीर चोट तो नहीं आई, लेकिन ई-रिक्शा के पलटने से कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद लोग सड़क की दुर्गति सुधारने की सुध नहीं लेने वाले सत्ताधीशों को कोस रहे थे।
जानकारी के मुताबिक शनिवार को दोपहर करीब 2 बजे गायत्री हॉस्पिटल के सामने सब्जी लोड करके जा रहा ई-रिक्शा का चालक सड़क में बने गहरे गड्ढों में अनिंयत्रित हो गया, और ऑटो पलट गई। चालक ने स्वयं रिक्शा उठाने की कोशिश की, लेकिन लोड अधिक होने के कारण वह अकेले नहीं उठा पाया। बाद में वहां मौजूद लोगों ने बोरे को बाहर निकाला और रिक्शा सीधा करने में मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया। अंबिकापुर की सडक़ों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। स्टेट हाइवे हो या नेशनल हाइवे या शहर के अंदरूनी मार्ग अधिकांश सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर शासकीय पीजी कॉलेज मैदान के पास बड़े हिस्से में बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इन गड्ढोंं को 2-3 बार अस्थायी रूप से भरकर पैबंद लगाने का काम किया गया, लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश के कारण दो-तीन दिनों में ही सड़क फिर से खराब हो जाती है। अंबिकापुर-रामानुजगंज नेशनल हाइवे की हालत भी लोगों की सेहत को खराब करने वाली और जान जोखिम में डालने वाली है। इन मार्गों पर गड्ढों की संख्या इतनी अधिक है कि पैदल चलना भी जोखिम भरा है। कई शिकायतें हुई, जनप्रतिनिधियों से लेकर नगर निगम तक गुहार लगाने के बाद भी सडक़ों की हालत सुधारने की दिशा में कोई स्थायी कदम नहीं उठाया गया। जनता में इसे लेकर गहरा आक्रोश है। शनिवार की हुई घटना के सामने आने के बाद भी यदि जिम्मेदार कुंभकर्णी निद्रा में लीन रहे, तो तिपहिया में सफर करने वालों की जान जोखिम में पड़ सकती है। इसके लिए जिम्मेदार ऑटो रिक्शा के चालक नहीं बल्कि वे जिम्मेदार अधिकारी होंगे, जो इन गड्ढों से मुक्ति दिलाने का स्थायी हल बनाने की सोच तमाम हादसों की तस्वीरों के सामने आने के बाद भी विकसित नहीं कर पाए हैं।
जरही में पिकअप पलटने से बाल-बाल बची महिला
नगर पंचायत जरही में शनिवार की सुबह एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। पानी सप्लाई के वाल के लिए बनाए गए खुले गड्ढे में पिकअप वाहन का पहिया फंस गया, जिससे वाहन सड़क पर पलट गई। गनीमत है कि घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन पास से गुजर रही एक महिला बाल-बाल बच गई।
जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत क्षेत्र में पानी सप्लाई को चालू और बंद करने के लिए जगह-जगह वाल लगाए गए हैं। ये वाल अक्सर मुख्य सड़कों और बस्तियों के पास स्थित होते हैं। बड़ी लापरवाही यह है कि इन गड्ढों के ऊपर न तो कोई स्लैब डाला गया है और न ही सुरक्षा घेरावा किया गया है। परिणामस्वरूप आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार नगर पंचायत के सीएमओ और अध्यक्ष को मौखिक रूप से इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अंबिकापुर-बनारस मुख्य मार्ग पर पिकअप पलटने की घटना के बाद लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इन गड्ढों को ढका नहीं गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर पंचायत तुरंत सभी खुले गड्ढों में स्लैब लगवाए और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

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