अंबिकापुर। प्रतिवर्ष की भांति जय समलाया वास्तु ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित योगेश नारायण मिश्र के द्वारा इस वर्ष भी नागपंचमी के अवसर पर काल सर्प दोष शांति पूजन एवं महारुद्राभिषेक महामृत्युंजय मंत्र का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिले भर के करीब 51 जोड़ों ने इस पूजन में शामिल होकर पूजन का लाभ उठाया। वाराणसी से आए विद्वान ब्राह्मणों द्वारा नागपंचमी के विशेष मुहूर्त पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंत्रोच्चार के जरिए सावन के पवित्र मास में देवाधिदेव महादेव की आराधना करके अपने जीवन के समस्त विघ्न बाधाओं को दूर करने के लिए पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के पार्थिव शिवलिंग पर पूजा-अर्चना कर अपने जीवन की मंगलकामना की।


आयोजन का संचालन कर रहे पंडित योगेश नारायण मिश्र ने बताया कि नागपंचमी का विशेष महत्व है, इस दिन काल सर्प दोष शांति पूजन एवं रुद्राभिषेक करने पर आयोजन में शामिल होने वाले लोगों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। उन्होंने बताया कि विश्व कल्याण के लिए ये आयोजन बेहद महत्वपूर्ण है। इस दिन दूध से भगवान शिव का अभिषेक करने पर दीर्घायु और मनोकामना की पूर्ति होती है। मधुरस से अभिषेक करने पर धन प्राप्ति और कर्ज मुक्ति का लाभ मिलता है। घी से अभिषेक करने पर रोग का नाश होता है और आरोग्यता आती है। इसी तरह सरसों तेल से भगवान शिव का अभिषेक करने पर शत्रु का नाश होता है, जबकि शर्करा युक्त दूध से अभिषेक करने पर जहां पुत्र की प्राप्ति होती है, वहीं फलों के रस से अभिषेक करने वाले व्यक्ति के जीवन में आनंद की वृद्धि होती है। विश्व के सभी लोगों के जीवन में मंगल हो और विश्व का कल्याण हो, इसी उद्देश्य से हर वर्ष जय समलाया वास्तु ज्योतिष केंद्र के द्वारा नागपंचमी के अवसर पर कई सालों से यह आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर भंडारे का आयोजन भी किया गया, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने इसका लाभ लिया। इस अवसर पर पंडितों में अंकित शर्मा, राजा मिश्रा, दुर्गेश पांडेय, रुकम पांडेय, कृष्णकांत पोडिल समेत काफी संख्या में श्रद्धालु व आमजन के साथ विशेष सहयोगी मेघा कश्यप, जिया कश्यप, सृष्टि कश्यप सहित अन्य की उपस्थिति रही।

Categorized in: