मामला इंश्योरेंस की राशि हड़पने का, पूर्व में फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक सहित दो गए हैं जेल

अंबिकापुर। सरगुजा जिला के धौरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र के जरिए लोन बंद करवाकर इंश्योरेंस का पैसा ठगी करने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस ने पूर्व में 2 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। गिरफ्तार आरोपी एक हजार रुपये लेकर मोबाइल से फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर ठगी की घटना में शामिल हुआ था।

जानकारी के मुताबिक धनीराम निवासी ग्राम जोरी धौरपुर ने 29.09.24 को थाना धौरपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसकी पत्नी लालो बाई वर्ष 2021 में स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के शाखा शंकरगढ़ से 72 हजार रुपये लोन निकली थी, जिसके किस्त का समय पर भुगतान किया जा रहा था। इसी बीच स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के शाखा प्रबंधक सुरेश कुमार खांडे एवं कर्मचारी संजय कुमार साहू ने सुनियोजित तरीके से व्यक्तिगत लाभ के लिए लोन में नामित रिपोर्टकर्ता, धनीराम का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर लोन बंद करवा दिया और लोन के खाते पर प्राप्त हुई इंश्योरेंस की राशि 18 हजार रुपये को उसकी पत्नी लालो बाई से अपना बताकर गुमराह करते हुए आहरण करवा लिया। आरोपियों द्वारा नामित व्यक्ति का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर ठगी करने के मामले में रिपोर्ट पर थाना धौरपुर में धारा 318(3), 336(2), 338, 340(1), 3(5) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस ने विवेचना में लिया था, और पूर्व में आरोपी स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के ब्रांच मैनेजर सुरेश कुमार खांडे एवं कर्मचारी संजय कुमार साहू को गिरफ्तार करके न्यायिक अभिरक्षा में भेजा था। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने अपने साथी कंचन विश्वकर्मा निवासी तमगेकला, थाना रंका, जिला गढवा झारखंड से मिलकर एक हजार रुपये देकर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया, और इसे लोन आईडी में समायोजित करके लोन बंद कर दिया गया। बीमा राशि हितग्राही के खाते में आने पर स्वयं ले लिया। पुलिस टीम ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने वाले कंचन विश्वकर्मा को तलाशना शुरू किया, तो वह गिरफ्तारी के डर से फरार हो गया। मामले में पुलिस ने धारा 193(3) बीएनएसएस के तहत अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय में पेश किया, और फरार आरोपी की तलाश में सतत लगी पुलिस के हाथ अंतत: कंचन विश्वकर्मा पिता मनोज विश्वकर्मा, 24 वर्ष निवासी तमगेकला रंका लग गया। आरोपी ने पूछताछ में अपने मोबाइल फोन से फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों को एक हजार रुपये लेकर देने की जानकारी दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जप्त कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी धौरपुर उपनिरीक्षक अश्वनी दीवान, आरक्षक पंकज देवांगन, मुरलीधर यादव, सुशील मिंज सक्रिय रहे।

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