राहगीरों के साथ मोटरसायकल सवारों को दौड़ाकर काट रहे आवारा कुत्ते

गिरिजा  ठाकुर

अंबिकापुर। शहर का ऐसा कोई मोहल्ले, गली या आउटर की सड़क नहीं है, जहां आवारा कुत्तों का जमावड़ा न मिले। छोटी से छोटी गली ये देखने को मिल जाएंगे। आवारा कुत्ते एक ओर बच्चों के साथ ही बड़ों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। हर दिन किसी न किसी मोहल्ले-टोले में किसी न किसी को ये अपना शिकार बनाते हैं। लगातार आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार नगर पालिक निगम का इस ओर जरा भी ध्यान नहीं जा रहा है, जिस वजह से डाग बाइट के केस बढ़ रहे हैं, वहीं आवारा कुत्तों की संख्या में इजाफा हो रहा है। राजमाता श्रीमति देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला अस्पताल के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में आवारा कुत्तों ने 35 सौ से अधिक लोगों को शिकार बनाया है, वहीं चालू वर्ष में जनवरी से जून तक 2094 लोगों को आवारा कुत्तों ने काटकर जख्मी किया है। निजी अस्पतालों में भी डाग बाइट के मामले पहुंचते हैं, ऐसे में यह संख्या और बढ़ जाएगी।

बता दें कि शहरी क्षेत्र में हजारों की संख्या में आवारा कुत्ते हंै। जगह-जगह इनके जमावड़ा को देखने के बाद इनकी बढ़ती संख्या का अंदाजा लगाया जा सकता है, यदि इन्हें पकड़ा नहीं गया और संख्या नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो ये शहरवासियों के लिए बड़ी समस्या बन जाएंगे। इनके कारण कभी भी स्कूल जाने वाले या स्वजन के साथ जाने वाले छोटे बच्चों की जान आफत में पड़ सकती है। आमजन तो रोजाना इनके खतरे से दो-चार होते अस्पताल पहुंच ही रहे हैं। कई चौक-चौराहे और मार्ग तो ऐसे हैं, जहां कुत्तों का झुंड आक्रमक रूप ले लेता है। बाइक सवार, पैदल जा रहे राहगीर या चारपहिया वाहनों के पीछे ये झुंड ऐसे दौड़ लगाता है, जिससे कई बार दुर्घटना की स्थिति बन जाती है। कुत्तों को देखते हुए हाथ-पांव मारने के चक्कर में अन्य राहगीर, वाहन सवार खतरे में पड़ जाते हैं। शहर व ग्रामीण अंचल दोनों जगहों में वनिस्पत स्थिति यही है। परिणाम स्वरूप डाग बाइट के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। यदि जल्द ही इनके नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाया गया तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है और इनका आतंक और भी बढ़ सकता है।

अब तक दो की हो चुकी है मौत
शहर के कंपनी बाजार, प्रतापपुर रोड में कलेक्टर बंगला के पीछे, धोबीनाला, मिशन चौक, गोधनपुर, मायापुर, बौरीपारा के कई इलाके सहित पूरे शहर की गलियां आवारा कुत्तों से अटी हुई हैं। हर गली में आवारा कुत्ते झुंड बनाकर राहगीरों, दोपहिया और चारपहिया चालकों को दौड़ाते मिल जाएंगे। चारपहिया वाहन के चालकों को तो फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन दोपहिया के चालक इनके कारण खतरे में पड़ जाते हैं। इंटरनेट मीडिया में आवारा कुत्तों के कारण बनने वाली परिस्थिति की आए दिन ऐसी तस्वीरें सामने आती है, जिसे देखकर दिल दहल जाए। आवारा कुत्तों के हमले में अभी तक दो की मौत भी हो चुकी है। आवारा कुत्ते ज्यादातर बुजुर्ग, महिलाओं और छोटे बच्चों को काटते हंै, क्योंकि हमला होने की दशा में ये जल्दी भाग नहीं पाते हैं।

डाग बाइट पर एक नजर,

वर्ष 2025
जनवरी 305
फरवरी 273
मार्च 415
अप्रैल 351
मई 459
जून 291


आवारा कुत्तों के काटने से घायल हिरण की मौत, वन अमला किया अंतिम संस्कार
। जंगल से भटक कर गांव पहुंचे हिरण को आवारा कुत्तों ने हमला करके घायल कर दिया, जब तक वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच पाती, तब तक हिरण की मौत हो चुकी थी। क्षेत्रीय अधिकारी ने माना व्यवस्था करने में विलम्ब होने के कारण विभाग की टीम घटनास्थल पर देरी से पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों के मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार किया गया।
वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 16 जुलाई, बुधवार की सुबह लगभग 11 बजे लखनपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत चांदो सर्किल के सिरकोतगा स्कूल मैदान में बुधवार की सुबह लगभग 6 बजे आवारा कुत्तों ने जंगल से भटक कर पहुंचे हिरण पर हमला कर दिया था, जिसमें वह घायल हो गया था। घायल हिरण को तत्काल उपचार की सुविधा नहीं मिल पाई और उसकी मौत हो गई। सूचना के बाद विलम्ब से वन विभाग के टीम मौके पर पहुंची। हिरण के शव को लखनपुर में स्थित वन विभाग के कार्यालय में लाया गया, यहां पशु चिकित्सक डॉ. सफदर अली ने अधिकारियों की उपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम किया और वन विभाग कार्यालय परिसर में ही हिरण के शव का विधिवत अंतिम संस्कार किया गया। हिरण की उम्र 6 से 8 वर्ष बताई जा रही है। एक अन्य हिरण के मौजूदगी की सूचना मिलने पर वन विभाग की गठित टीम तलाश में लगी है।

श्वांस नली कटने से हुई मौत
प्रभारी रेंजर कमलेश राय से फोन पर बात करने पर उन्होंने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि घायल अवस्था में सिरकोतगा स्कूल मैदान में हिरण पड़ा हुआ है। वाहन व्यवस्था करने में देरी होने से वन विभाग की टीम देर से पहुंची। श्वास नली को कुत्तों ने काट दिया था, जिससे हिरण की मौत हो गई थी। गांव में दूसरे हिरण के आने की सूचना मिलने पर चार लोगों की टीम गठित की गई है, जो हिरण की तलाश में लगे हंै।

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