अंबिकापुर। प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को हासिए पर लिया, जो खरीफ फसल के लिए खाद उपलब्ध करा पाने में नाकाम है। उन्होंने कहा पूरे संभाग के किसान खाद की कमी से जूझ रहे हैं, ऐसे हालात में इस वर्ष खरीफ की फसल के पैदावार में काफी असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरगुजा संभाग भर में करीब 24 हजार टन खाद भंडारण के लक्ष्य के विपरीत वर्तमान में केवल 3946.24 टन खाद उपलब्ध हो पाया है, जो लक्ष्य का करीब 16 प्रतिशत है, यूरिया भी 50 प्रतिशत ही उपलब्ध हो पाया है। बारिश शुरू होने के साथ किसान कृषि कार्य में लग गए हंै, किसानों को डीएपी खाद की आवश्यकता यूरिया से अधिक है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सिंहदेव ने आगे कहा कि सरगुजा जिले में 19,200 क्विंटल खाद की आवश्यकता है, वर्तमान में केवल 3450 क्विंटल खाद ही समितियों तक पहुंचा है। खाद की कमी के कारण किसानों की फसलों को पोषक तत्व प्रदान करने में समस्या आ रही है, इसका सीधा असर इनकी पैदावार पर पड़ेगा। उन्होंने कहा भले ही सरकार यह दावा करे कि किसानों को पहले से अधिक लाभ दिया जा रहा है परन्तु आंकड़े सारी सच्चाई बयां कर रहे हैं। उन्होंने बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ व कुसमी के सहकारी बैंक शाखा में हुए करीब 26 करोड़ के गबन के मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने और पूरे संभाग भर की बैंक शाखाओं में जांच कराने की जरूरत महसूस करते हुए ऐसी और गड़बड़ियां सामने आने की संभावना जताई। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, प्रदेश महामंत्री जेपी गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष अजय अग्रवाल, राकेश गुप्ता, पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, द्वितेन्द्र मिश्रा, हेमंत सिन्हा, मो. इस्लाम खान, नुरूल अमीन सिद्दीकी, अनूप मेहता, शैलेन्द्र प्रताप सिंह सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

बीमा कंपनी के साइट पर सरगुजा असिंचित क्षेत्र
टीएस सिंहदेव ने बताया वर्तमान में सरगुजा सहित पूरे संभाग को बीमा कंपनी के साइट पर असिंचित क्षेत्र बता दिया गया है, जबकि सरगुजा जिले के बड़े सिंचाई परियोजनाओं घुनघुट्टा, कुंवरपुर, श्याम बरनई से जिले के करीब 14 हजार हेक्टेयर जमीन सिंचित होती है। छोटी नहर परियोजनाओं, एनिकट को जोड़ दिया जाए तो यह आंकड़ा लगभग 40 हजार हेक्टेयर तक पहुंचेगा। इसके बाद भी राजस्व, कृषि, जल संसाधन, विद्युत विभाग मौन हैं। उन्होंने कहा सिंचित क्षेत्र के किसानों को 50 हजार, असिंचित क्षेत्र के किसानों को 40 हजार का केसीसी मिलता है, पूरे संभाग की भूमि असिंचित होने से इस वर्ष केसीसी के ऋण वितरण में कमी आई है। कुछ किसानों के आपत्ति पर उनके क्षेत्र को सिंचित किया जा रहा है, जो नाकाफी है।

लुण्ड्रा में खाद आबंटन की स्थिति सबसे खराब
टीएस सिंहदेव ने बताया कि सरगुजा जिले के लुण्ड्रा में खाद आबंटन की स्थिति सबसे खराब है। यहां के 12 समितियों में 8 समितियां ऐसी हैं, जहां पर इफ्को खाद की उपलब्धता शून्य है, वहीं 6 समितियों में डीएपी की उपलब्धता शून्य है। ऐसे में किसानों को खेती का कार्य करने में कितनी परेशानी होगी, इसे समझा जा सकता है। खाद की कमी को दूर करने के लिए निजी दुकानों से खाद की खरीदी कर वैकल्पिक व्यवस्था बनाना खर्चीला है, जिस कारण किसान काफी परेशान हैं।

किसानों को शासकीय योजनाओं का शून्य लाभ
पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस ङ्क्षसहदेव ने कहा पहली बार ऐसा हुआ है कि किसानों को खरीफ सीजन में शासकीय योजनाओं का शून्य लाभ मिला है। विभाग भी बजट के अभाव में कोई योजना नहीं बना रहा है और कृषि उपकरणों पर मिलने वाला 50 प्रतिशत तक अनुदान, चयनित किसानों को नि:शुल्क बीज वितरण का प्रदर्शन जैसी कोई भी व्यवस्था इस बार नहीं की गई है। केन्द्र सरकार से प्राप्त 120 करोड़ रुपये से राज्य के 10 प्रतिशत बड़े किसानों को ट्रैक्टर व हार्वेस्टर प्रदान कर दिया गया, इसके लिए 100 करोड़ रुपये व्यय किए गए, जबकि प्रदेश के 90 प्रतिशत लघु व सीमांत किसानों के लिए इस राशि में से केवल 20 करोड़ का ही प्रावधान रखा गया। सरकार की नीति से छोटे व मझोले किसानों को ज्यादा लाभ नहीं मिल पाएगा।

सेंशरशिप लगाकर गल्तियों को छिपाना चाहती है सरकार

टीएस सिंहदेव ने कहा छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय मेडिकल कॉलेजों एवं इनसे संबद्ध अस्पतालों में मीडिया के प्रवेश और रिपोर्टिंग को लेकर एक नया प्रोटोकॉल लागू किया गया है। इस आदेश के अंतर्गत मीडिया की स्वतंत्र पहुंच को प्रतिबंधित करके हर खबर के लिए मीडिया संपर्क अधिकारी या जनसंपर्क अधिकारी से पूर्वानुमति आवश्यक की गई है। उन्होंने कहा यह सीधे तौर पर अप्रजातांत्रिक और मीडिया के अधिकारों का हनन है। मीडिया पर सेंसरशिप लगाकर सरकार अपनी गलती को छिपाना चाहती है। उन्होंने कहा वे स्वयं और कांग्रेस के साथी सरकार के इस आदेश का कड़े शब्दों में विरोध करते हैं। सिंहदेव ने कहा मीडिया किसी मरीज की निजता का हनन नहीं कर रही है। अलग से प्रावधान लाकर सरकार व्यवस्था में कमी को उजागर करने से रोकने का प्रयास कर रही है।

 

Categorized in: