अंबिकापुर। निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 41 के नवागढ़, हुसैनीनगर और घुटरापारा में सड़क, नाली व नहर की दुर्दशा से क्षुब्ध होकर वार्डवासियों के साथ नगर निगम के प्रशासनिक भवन पहुंचे पार्षद व सहयोगियों ने जमकर नारेबाजी की। वार्डवासियों के काफी संख्या में नगर पालिक निगम कार्यालय में पहुंचने की सूचना पर पहले से एहतियात बरतते हुए पुलिस को तैनात कर दिया गया था। लगभग एक घंटे तक चली नारेबाजी के बाद पुलिस ने अपनी बातों को शांतिपूर्वक निगम आयुक्त के समक्ष रखने की समझाइश दी, ताकि समस्या का समाधान निकल सके।

पार्षद मोहम्मद बाबर इदरिसी ने निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर बताया कि बरसात अभी शुरू नहीं हुई है, प्री मानसून में ही वार्डवासियों को सड़क, नाली और नहर के की दुर्गति का दंश झेलना पड़ रहा है। बताया गया है कि यह वार्ड नगर पालिक निगम अंबिकापुर का सबसे बड़ा एवं जनसंख्या वाला वार्ड है, जो पूर्व में पंचायत के अंतर्गत आता था। बाद में इसे निगम में शामिल किया गया, इसके बाद उम्मीद थी कि वार्ड का विकास द्रुत गति से होगा, लेकिन 15 वर्ष बाद भी यहां विकास की गति काफी धीमी है। नाली, नहर की सफाई नहीं होने से यहां के लोगों को बरसात के मौसम में काफी दिक्कतों से जूझना पड़ेगा। सड़क की दुर्गति ऐसी है कि सोमवार की रात से अब तक हुई बारिश में वार्ड के कई इलाके में आना-जाना मुश्किल है। जलजमाव की समस्या काफी पुरानी है, इसका तत्काल निराकरण करना जरूरी है। वार्ड की समस्याओं का समाधान त्वरित हो, इसके लिए अधोसंरचना मद, डीएमएफ फंड, महापौर व कमिश्नर निधि, जहां से भी संभव हो 20 लाख रुपये आबंटित करने का आग्रह किया गया है, ताकि आमजनता को राहत मिल सके। इस दौरान पार्षद चम्मा, पूर्व पार्षद सतीश बारी के अलावा वार्डवासियों में पिंकी देवी, रीता शर्मा, हसरून, तृप्ति, संगीता देवी, क्रांति देवी, शीला ठाकुर, सविता शर्मा, उषा देवी, समता देवी, माला देवी, लालजी, जावेद, गुलाम मुस्तफा, मो. अलीरजा, सूरज शर्मा, गणेश गुप्ता, सुशील सोनी, सुनीता शर्मा सहित अन्य उपस्थित थे।

कहां गया 15 करोड़ का प्रस्ताव
पार्षद मो. बाबर इदरिशी ने बताया कि वार्ड के समुचित विकास के लिए 23 फरवरी 2025 को करीब 15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर निगम को भेजा गया था, लेकिन आज दिनांक तक उक्त प्रस्ताव पर नगर निगम के अधिकारियों ने कोई विचार नहीं किया, और न ही मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किसी प्रकार की राशि दी गई, जिस कारण वार्ड की हालत दयनीय हो गई है। बरसात के पहले सड़क, नाली, नहर की दुर्दशा पूर्व में सामने लाने के बाद भी स्थिति में तब्दीली लाने का प्रयास नहीं किया। उपेक्षा से त्रस्त होकर उन्हें निगम का घेराव करने जैसा कदम उठाना पड़ा। आरोप है कि जिन वार्डों में भाजपा के पार्षद हैं, वहां विकास कार्य के लिए 30 से 40 लाख रुपये आबंटित किया गया है।

कमिश्नर और महापौर से मिला आश्वासन
मुलाकात के दौरान कमिश्नर डीएन कश्यप ने पार्षद व वार्ड के लोगों को आश्वस्त किया है कि एक-दो दिन में वे स्वयं वार्ड की स्थिति का जायजा लेने के लिए अधिकारियों के साथ पहुंचेंगे, और वार्ड की समस्या दूर करने के लिए यथासंभव पहल की जाएगी। वहीं महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि उनके संज्ञान में वार्ड क्रमांक 41 की दिक्कतों को नहीं लाया गया है। दिक्कतों को दूर करने के लिए स्वयं के निधि से हरसंभव मदद करने का भरोसा उन्होंने दिलाया।

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