धान काटने के लिए पास गांव में अन्य लोगों के साथ गई थी, गांव में शोक का माहौल
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के पुलिस चौकी केदमा अंतर्गत ग्राम लालपुर में मंगलवार की रात दो नाबालिग लड़कियों की अचानक तबियत बिगड़ गई, अस्पताल में उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। घटना से गांव में शोक का माहौल है। दोनों लड़कियों की तबियत बिगड़ने के बाद जैसे हालात सामने आए हैं, इसे देखते हुए सर्पदंश की संभावना बनी हुई है। मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस चौकी केदमा के ग्राम बड़ेगांव की चार युवतियां सुबासो, अंजनी, निर्मला और ललिता व एक युवक बीर सिंह बीते एक सप्ताह से धान कटाई के लिए पास के गांव लालपुर गए थे। मंगलवार को देर शाम सभी अपना काम समाप्त करके रात 9 बजे खाना खाए और एक खाट में सुबासो और निर्मला सो गए। दूसरे खाट में अन्य लोग सोए थे। रात करीब दो बजे सुबासो की तबीयत अचानक बिगड़ गई, उसे पेट और सीने में दर्द होने लगा और वह उल्टी कर रही थी। अन्य सहेलियों को जगाकर वह इसकी जानकारी दी। साथ में सोई निर्मला ने भी दर्द और चक्कर आने की जानकारी दी। दोनों की तबियत खराब देखकर स्वजन इन्हें केदमा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, यहां प्राथमिक उपचार के बाद भी दोनों की हालत गंभीर बनी हुई थी। सुबह करीब 6 बजे दोनों को सीएचसी उदयपुर रेफर कर दिया गया। यहां कुछ देर बाद सुबासो पिता मिल साय मझवार (14) की मौत हो गई। निर्मला पिता चंखारी मझवार (14) को गंभीर हालत में रेफर करने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लेकर स्वजन पहुंचे, यहां उपचार के दौरान सुबह 7.30 बजे वह भी दम तोड़ दी। दोनों सहेलियों की असामयिक मौत से गांव में शोक की लहर है। प्रथम दृष्टया मौत का कारण अस्पष्ट है, सर्पदंश के कयास लगाए जा रहे हैं। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग मौत का कारण स्पष्ट हो, इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा कर रही है।
सर्पदंश से पीड़ित बच्ची दम तोड़ी
जशपुर जिला के बगीचा थाना अंतर्गत ग्राम गायबुड़ा निवासी सुचिता पिता सुरेश पहाड़ी कोरवा 6 वर्ष की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतिका अपने दो अन्य छोटे भाईयों के साथ जमीन में बिछे बिस्तर में सो रही थी। अलसुबह 4 बजे उसे कुछ काटने का एहसास हुआ और वह रोने लगी। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर स्वजन उठे तो वह कुछ काटने की जानकारी दी। दर्द से छटपटा रही बच्ची को लेकर स्वजन बगीचा स्वास्थ्य केन्द्र लेकर पहुंचे, यहां से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर करने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराए थे, यहां इलाज के दौरान बुधवार को सुबह 9.51 बजे बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम करके बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन को सौंप दिया है।

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