अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में पिछले कई दिनों से 9 हाथियों का दल अलग-अलग इलाके में विचरण कर रहा है। रिहायसी इलाकों में हाथियों के विचरण करने से लोगों में हड़कंप मच गया है। हाथियों का दल पर्यटन स्थल मैनपाट के टाइगर प्वाइंट तक पहुंच गया है। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने कुछ देर के लिए पर्यटकों के आने-जाने पर रोक लगा दी थी। हाथियों का जंगल की ओर रूख करने के बाद पर्यटकों को टाइगर प्वांट की ओर जाने दिया गया।
सरगुजा जिला के अलग-अलग इलाकों में हाथियों का दल असमय आतंक मचाते रहता है। पिछले एक सप्ताह से 9 हाथियों का दल मैनपाट इलाकों में विचरण कर रहा है। यह हाथी रायगढ़ सीमा से प्रवेश किया है। बुधवार की शाम हाथियों का दल मैनपाट के पर्यटन स्थल टाइगर प्वाइंट के पास पहुंचा। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। वन विभाग का अमला लगातार हाथियों की निगरानी में जुटा है। बुधवार की रात से लेकर गुरुवार की सुबह तक हाथियों का दल मैनपाट के टाइगर प्वाइंट के पास ही डटा रहा, जिस कारण लोग दहशत में रहे। पर्यटकों व राहगीरों को वन विभाग इस ओर जाने से रोक ने रोक दिया। जब हाथियों का दल जंगल की ओर रूख किया तो लोगों को आने जाने की छूट दी गई। वन विभाग की टीम हाथियों पर निगरानी रख रही है। स्थानीय लोगों व पर्यटकों से हाथी से दूरी बनाकर रखने की अपील की है।
मैनपाट व आसपास के इलाके में हाथ्रियों का प्रवास लंबे समय से हो रहा है। वर्तमान में हाथियों की मैनपाट क्षेत्र में मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से कई लोग अपने घरों को छोड़कर दूसरे जगह शरण लेने विवश हो गए हैं। पूर्व में वन विभाग ने ऐसे लोगों को रहने के लिए पक्के मकान, आंगनबाड़ी व पंचायत भवन में व्यवस्था की थी। अधिकतर लोगों की रात आंगनबाड़ी व पंचायत भवन में गुजर रही थी। इस वर्ष भी हाथियों का दल पहुंचा है, जिस कारण ग्राम बिजलहवा, नर्मदापुर, बरडांड और कंडराजा के निवासी दहशत में हैं। हाथियों से जान-माल के नुकसान का खतरा बना हुआ है। कुछ दिन पूर्व हाथियों ने ग्राम उड़मकेला में दो घरों को तोड़ दिया था और घर में रखा अनाज खा गए थे। इसके अलावा कई किसानों के फसलों को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है।

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