आग के रौद्र रूप लेने से धुएं का काला गुबार आसमान में छाया, फायरमैनों ने आग बुझाने झोंकी ताकत
अंबिकापुर। अंबिकापुर-रायगढ़ नेशनल हाइवे 43 पर मंगलवार की सुबह लगभग 10.30 बजे डीजल, पेट्रोल लोड टैंकर लमगांव पुलिया पर अनियंत्रित होकर पलट गई। टैंकर के पलटते ही भीषण आग लग गई, जिससे टैंकर जलकर पूरी तरह से खाक हो गया। टैंकर चालक व खलासी सामने का शीशा तोड़कर किसी तरह बाहर निकले, जिससे उनकी जान बच गई। कुछ ही देर में आग ने रौद्र रूप ले लिया और धुएं का काला गुबार आसमान तक छा गया। राहगीरों तथा स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई, वाहनों का आना-जाना थम गया। सूचना मिलते ही रघुनाथपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। दमकल आने के बाद आग बुझाने मशक्कत शुरू हुई।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार की सुबह टैंकर का चालक डीजल-पेट्रोल लेकर अंबिकापुर जा रहा था। अंबिकापुर-रायगढ़ नेशनल हाइवे-43 पर रघुनाथपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम लमगांव पुलिया पर चालक का टैंकर से नियंत्रण हट गया और टैंकर पलट गई। टैंकर का एक हिस्सा पुलिया के नीचे गिर गया और देखते ही देखते टैंकर से धुआं और आग की लपटें निकलने लगी। दुर्घटना कुछ ऐसी हुई कि टैंकर के अंदर चालक और क्लीनर फंसे रह गए, जो किसी तरह सामने का कांच तोड़कर बाहर निकले, जिससे इनकी जान बच गई। घटना से सहमे चालक और क्लीनर मौके से फरार हो गए। मौके पर पहुंची रघुनाथपुर चौकी पुलिस ने अग्निशमन विभाग को इसकी सूचना दी। इसके बाद अंबिकापुर से अग्निशामक वाहन के साथ पहुंचे फायरमैन आग बुझाना शुरु किए। भीषण आग को बुझाने के लिए एक टैंकर पानी पर्याप्त नहीं था। पानी खत्म होने के बाद दूसरे अग्निशामक वाहन को बुलाया गया, इसके बाद आग बुझाने का काम 3 घंटे चला, इसके बाद भीषण आग पर काबू पाने में फायरमैन सफल हुए। हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। दोपहिया और चार पहिया वाहनों के चालक आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। एहतियात बतौर लोगों को टैंकर के आसपास जाने से रोकने में पुलिस लगी थी, इसके बाद भी कुछ लोग आग लगे टैंकर के करीब तक जाने की दिलेरी दिखाने से बाज नहीं आ रहे थे।
200 लीटर फोम, 12 हजार लीटर पानी की खपत
अग्निशामक दस्ते के प्रभारी अंजनी तिवारी ने बताया कि 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह से काबू में करने में सफलता मिली। आग बुझाने के लिए मौके पर 9 कर्मचारी पहुंचे थे। आग बुझाने में 200 लीटर फोम और 12 हजार लीटर पानी का खपत हुआ। अग्निशमन विभाग को जैसे ही डीजल-पेट्रोल लोड टैंकर में भीषण आग लगने की सूचना मिली, अंबिकापुर से पहले एक बड़ी वाहन को फायरमैन के साथ रवाना किया गया। इसके बाद फोम वाहन और अग्निशामक वाहन के साथ फायरमैन मौके पर पहुंचे। इस दौरान कर्मचारियों की कमी महसूस हो रही थी। विभाग में शिफ्टवार सेवा दे रहे कर्मचारियों को बुलाना पड़ा।
पांच अग्निशामक वाहन 4 चालकों के भरोसे
शहर में आगजनी की कई बड़ी घटना होने के बाद भी अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की कमी को दूर करने का प्रयास नहीं किया गया है। विडम्बना ही कहा जाए विभाग के 5 दमकल वाहन 4 चालकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। अग्निशमन विभाग को होमगार्ड के अधीन करने के बाद उम्मीद थी कि 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने वाले विभाग में व्याप्त कमियां दूर होंगी, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया है। आलम यह है कि किसी बड़ी घटना की सूचना मिलने पर कर्मचारियों को मैनेज करने की स्थिति बनती है। ऐसे में संभाग मुख्यालय के अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की प्राथमिकता देते हुए दूर करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

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