गुरूनानक वार्ड में 9 दिनों से पानी सप्लाई नहीं होने से बौखलाए वार्डवासी

अंबिकापुर। शहर के गुरूनानक चौक, कोतवाली थाना मार्ग में स्थित पानी टंकी मायापुर में मंगलवार को गुरूद्वारा वार्ड के पार्षद व वार्डवासियों ने पिछले 9 दिनों से पानी सप्लाई नहीं किए जाने को लेकर धरना दिया और हल्ला बोला। इस दौरान नगरीय प्रशासन मुर्दाबाद और पानी दो… पानी दो के नारे लगे। छोटे बच्चे खाली बाल्टी और मग्गा लेकर पहुंचे थे। पार्षद ने बताया वार्ड के लगभग 400 घरों में पानी की सप्लाई पूरी तरह से ठप्प है। वार्ड के लोगों ने कहा प्रशासन सुशासन तिहार का ढिंढोरा पीट रहा है, समस्याओं के निराकरण की बात हो रही है, वहीं शहर के बीच में पानी के त्राहिमाम की स्थिति बनी हुई है।  


गुरूद्वारा वार्ड क्रमांक 36 के पार्षद मेराज गुड्डू ने बताया कि भीषण गर्मी के मौसम में पानी सप्लाई को लेकर निगम के जिम्मेदार कितने संवेदनशील हैं, इसका अंदाजा पिछले 9 दिनों से शहर के बीच में स्थित गुरूद्वारा वार्ड में पानी की सप्लाई नहीं होने को लेकर लगाया जा सकता है। हालत यह है के दैनिक कार्यों के साथ ही पीने के लिए लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। खाना बनाने के लिए बमुश्किल पानी जुगाड़ने की स्थिति बन रही है। बच्चे भूखे-प्यासे घंटो खाना बनने का राह देखते रहते हैं। पूछने पर बताया जाता है कि मोटर पंप खराब हो गया है, जिसे रिपेयरिंग के लिए भेजा गया है। वार्ड पार्षद ने कहा कि सामान्य सभा में उन्होंने गर्मी के मौसम में पानी के किल्लत की स्थिति न बने और टंकी में पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए अतिरिक्त मोटर पंप की व्यवस्था करके रखने के लिए ध्यानाकर्षण कराया था, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। वार्ड की उर्मिला गुप्ता, जानकी पात्रिक सहित अन्य वार्डवासियों का आरोप है कि वार्ड में टैंकर तक से पानी नहीं पहुंच रहा है। शादी-ब्याह और मकान निर्माण के लिए पानी टैंकर से भेजा जा रहा है, लेकिन वार्ड के लोगों को पानी की दिक्कत से निजात दिलाने के लिए टैंकर नहीं है। बूंद-बूंद पानी के लिए उन्हें तरसना पड़ रहा है। रोजाना एक-दो बाल्टी पानी सहेजने के लिए संघर्ष की नौबत बन रही है।


दो दशक पहले लगे हैंडपम्प शो पीस बने
पार्षद मेराज गुड्डू ने बताया कि वार्ड में 32-33 हैंडपम्प जगह-जगह लगे हैं, लेकिन वर्षों पुराने ये हैंडपम्प किसी काम के नहीं हैं। लगभग दो दशक पहले इन हैंडपम्पों को लगाया गया था, जिसमें महज 70 से 80 फिट की गहराई में पानी निकला था। वर्तमान में वॉटर लेबल काफी नीचे चले गया है, जिस कारण ये हैंडपम्प भीषण गर्मी के मौसम में अनुपयोगी हैं। हैंडपम्पों को उपयोगी बनाने के लिए भी जिम्मेदारों ने रूचि नहीं ली, जिस कारण ये हैंडपम्प शो पीस बने हुए हैं।


सरकार बदली, अफसरों का रवैया बदला
पार्षद मेराज गुड्डू ने बताया कि निगम में सरकार बदलने के साथ ही यहां के अधिकारियों का रवैया बदल गया है। उन्होंने कहा जल प्रदाय सहित अन्य विभागों का जिम्मा लिए जिम्मेदार अधिकारी को जलसंकट की स्थिति से अवगत कराने के लिए वे कई बार फोन किए, लेकिन उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। जब वे वार्ड के लोगों के साथ पानी टंकी पहुंच गए, तब भी वार्ड के लोगों की परेशानियों को सुनने कोई नहीं पहुंचा है। कहने को निगम में संवेदनशील सरकार है।


टैंकरों से पानी का सप्लाई रोकने होंगे बाध्य
वार्ड पार्षद मेराज गुड्डू ने कहा अगर जलसंकट को लेकर यही स्थिति बनी रही, तो टैंकरों से पानी का सप्लाई अवरूद्ध करने के लिए वे विवश होंगे। अधिकारियों के यहां तो टैंकर से पानी पहुंच जाता है, लेकिन हर माह पानी के बिल का भुगतान करने वाली आम जनता को गर्मी के मौसम में पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। महापौर खुद को आम जनता के प्रति संवेदनशील मानती हैं, तो उन्हें वार्ड में आकर जलसंकट की बनी स्थिति से रूबरू होना चाहिए।

खतरे का न्यौता दे रहा जर्जर पानी टंकी

मायापुर पानी टंकी अति जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंच चुका है। खतरे को देखते हुए वर्तमान में इस टंकी में पानी भी नहीं भरा जा रहा है। पानी टंकी से लगा पुलिस परिवार का आवास, नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय है। वहीं पानी टंकी परिसर के अंदर पंप घर, जनरेटर का शेड सहित अन्य भवन हैं। धीरे-धीरे बैठ रहे पानी टंकी के कारण कभी भी बड़े खतरे की स्थिति बन सकती है। 5 लाख लीटर वाले इस पानी टंकी का निर्माण उस समय कराया था, जब पूरे अंबिकापुर शहर में महज तीन से चार सौ नल कनेक्शन थे। जर्जर टंकी को डिस्मेंटल करने के लिए 4.50 लाख रुपये का टेंडर होने की जानकारी भी पार्षद दे रहे हैं, लेकिन आज तक इस पानी टंकी को डिस्मेंटल करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। रोजाना जर्जर पानी टंकी का स्लैब टूटकर गिर रहा है, फिर भी जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। इस पानी टंकी में रोजाना 40 से 50 कर्मचारी आते हैं, जो कभी भी खतरे में पड़ सकते हैं। इधर नगर पालिक निगम स्कूल प्रांगण में बना नया पानी टंकी 9 दिनों से खुद प्यासा है।

Categorized in: