आपराधिक दोष मुक्ति प्रकरणों की रेंज स्तरीय समीक्षा
अंबिकापुर। एक जुलाई 2024 से लागू हुए नवीन कानून के भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता में परिवर्तित धाराओं के तहत जिला इकाइयों में दर्ज हुए आपराधिक दोष मुक्ति प्रकरणों की रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक 23 नवम्बर को पुलिस कोआर्डिनेशन सेंटर (सरगुजा भवन) में आयोजित की गई, जिसमें कुल 870 प्रकरणों का निकाल किया गया। समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से नवीन कानून के तहत ऐसे मामलों पर विशेष चर्चा हुई। न्यायालय द्वारा अधिकांश प्रकरणों में आरोपियों के दोष मुक्ति होने के कारणों के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा बैठक में आईजी गर्ग द्वारा गंभीर प्रकरणों में विवेचकों द्वारा विवेचना में किए जाने वाले त्रुटियों को दूर करने हेतु भौतिक साक्ष्यों की फोटो ग्राफी, विडियोग्राफी कर साक्ष्यों को सावधानी से एकत्र करने एवं त्रुटियों में सुधार करने हेतु अभियोजन अधिकारियों के समक्ष चर्चा किया गया। होस्टाइल हो रहे प्रार्थी एवं गवाहों को उनके द्वारा दिए गए अभिमत, कथन पर कायम रहने हेतु विवेचकों को प्रकरण के प्रार्थियों के साथ निरंतर संपर्क में रहने हेतु निर्देशित किया गया, जिससे प्रकरण के प्रार्थी एवं गवाह अपने कथन को न्यायालय में निर्भीक एवं स्वतंत्र रूप से कथन दे सकंे, ताकि आरोपी न्यायालय से विचारणोपरांत दोष सिद्ध हो सके एवं अपराधी द्वारा उसके किए गए अपराधों के एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर समुचित सजा मिल सके। महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित गंभीर प्रकरणों जैसे बलात्कार एवं पॉस्को एक्ट के मामलों में एफआइआर के पश्चात नवीन कानून के तहत 60 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से चालान पेश करने के संबंध में जानकारी देते हुए प्रार्थी/पीड़िता जिनका न्यालयाय में 183 बीएनएसएस के अंर्तगत कथन लिया गया है, वो अगर न्यायालय में ट्रायल के दौरान होस्टटाइल होते हैं तो उनके विरुद्ध धारा 307 बीएनएसएस के अंतर्गत कार्रवाई हेतु लोक अभियोजक के माध्यम से न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने के संबंध में चर्चा की गई, साथ ही एनडीपीएस एक्ट, आबकारी एक्ट एवं सड़क दुर्घटनाओं के प्रकरणों में हो रहे दोषमुक्ति के कारणों की समीक्षा कर विवेचना में आवश्यक सुधार हेतु कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव दिया। समीक्षा बैठक के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरजपुर प्रशांत ठाकुर, पुलिस अधीक्षक सरगुजा योगेश पटेल, पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह, पुलिस अधीक्षक एमसीबी चंद्र मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरिया मोनिका ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलरामपुर शैलेन्द्र कुमार, एसडीओपी सरगुजा एमआर कश्यप के अलावा समस्त जिला अभियोजन अधिकारी एवं आईजी स्टेनो पुष्पेंद्र शर्मा, रीडर सुभाष ठाकुर मौजूद रहे।

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