रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)– जल संसाधन विभाग के द्वारा कन्हर एनीकट में साढे आठ करोड़ रुपय खर्च कर दिए गए परंतु एनीकट का  लाभ नगर वासियों को नहीं मिल पा रहा है इसमे लगा लागत पानी में पैसा बहाने के समान हो गया है वही एनीकट बनने से कन्हर नदी की खूबसूरती पूर्णत गायब हो गई। कन्हर नदी का अद्भुत खूबसूरती निहारने के लिए एनीकट के 2 किलोमीटर ऊपर या 2 किलोमीटर नीचे लोगों को जाना पड़ रहा है। अब नगरवासी एनीकट के निर्माण के औचित्य पर ही सवाल खड़ा करना शुरू कर दिए हैं।

गौरतलब है कि नगर की जल प्रदाय व्यवस्था पूर्णत कन्हर नदी पर आश्रित है ऐसे में मई जून के महीने में नदी सूखने के बाद नगर में पेयजल की आपूर्ति बहुत मुश्किल से हो पाती थी इससे नगर वासियों को निजात देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा महामाया मंदिर घाट के पास एनीकट का निर्माण कराया गया । एनीकट के निर्माण में 8 करोड रुपए से अधिक राशि खर्च कर दी गई भ्रष्टाचार का आलम यह रहा कि इतनी राशि खर्च करने के बाद भी एनीकट का निर्माण पूर्ण नहीं किया गया यहां तक कि निर्माण अधूरा छोड़ पूरा पैसा निकाल लिया गया और आज तक जांच के नाम पर सिर्फ लीपापोती होती रही।

आज तक नहीं हो पाया निर्माण पूर्ण- करीब 5 करोड़ में पूर्ण हो जाने वाले एनीकट में 8 करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च कर दी गई परंतु आज तक एनीकट का निर्माण पूर्ण नहीं किया गया। डाउनस्ट्रीम फ्लोर का फर्श नहीं बना वही छठ घाट का निर्माण जो एनीकट के साथ ही किया जाना था वह भी आज तक नहीं बना।विडंबना यह है कि आधे अधूरे निर्माण के बाद भी ठेकेदार को पूरा भुगतान कर दिया गया।

कन्हर की खूबसूरती को लगा ग्रहण- एनीकट निर्माण के पूर्व रामानुजगंज कन्हर नदी की खूबसूरती ऐसी थी कि लोग दूर-दूर से सिर्फ कन्हर नदी को देखने आते थे परंतु एनीकट निर्माण के बाद नदी की खूबसूरती को भी ग्रहण लग गया एनीकट का निर्माण वरदान की जगह अभिशाप साबित हुआ।

एनीकट का प्रभाव खत्म होते ही शुरू होता है कन्हर नदी का खूबसूरती- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े एनीकट के ऊपर एवं नीचे जहां तक एनीकट का प्रभाव है वहां एनीकट की खूबसूरती को ग्रहण लग गया है वहीं एनीकट का जहां प्रभाव खत्म होता है वहां कन्हर नदी की खूबसूरती अभी भी देखते बन रही है।

Categorized in: