अंबिकापुर। सरगुजा जिले के कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत निवासी नाबालिग बालक के साथ एक व्यक्ति द्वारा किए गए अप्राकृतिक कृत्य के मामले में न्यायालय ने दोषी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है और अर्थदंड भी लगाया है।
जानकारी के मुताबिक बालक वर्ष 2015 में कक्षा 10वीं में पढ़ता था, उस समय स्कूल के भृत्य से उसकी जान-पहचान हो गई थी। भृत्य के द्वारा बालक को अनैतिक, अप्राकृतिक कार्य के लिए प्रेरित किया जा रहा था। अप्रैल माह में भृत्य बालक को अपने किराए के कमरे में रूकवाया, यहां रात में नर्मदापुर निवासी अशोक चौधरी आया और वह बालक के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया। बालक ने शर्म व डर के कारण इस बारे में किसी से कुछ नहीं कहा। दूसरे दिन आरोपियों ने उसका वीडियो बना लेने की बात कहते हुए 45 हजार रुपये की मांग की और पैसे नहीं देने पर वीडियो सबको दिखा देने की धमकी देने लगे, इससे बालक काफी डर गया था। कुछ दिनों बाद भृत्य संजय नामदेव उसे कक्षा से बुलाया, उसके साथ आरोपी अशोक चौधरी भी था। दोनों उसे अपने साथ टाइगर प्वांइट ले गए और वहां एक सूने कमरे में उसके साथ फिर से दोनों ने गलत हरकत किया। बालक के रोने पर उससे रुपये की मांग करते हुए खाई में फेंक देने की धमकी देने लगे। मेहता प्वाइंट के रेस्ट हाउस में भी इस घटना को आरोपियों ने दोहराया था। आरोपी 4-5 बार अलग-अलग जगहों पर ले जाकर वीडियो दिखाने का भय दिखाकर उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य करते रहे, इससे तंग आकर बालक ने घटना की जानकारी स्वजन को दी। बालक को लेकर स्वजन थाना पहुंचे और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराए। थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया था। मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉस्को एक्ट) कमलेश जगदल्ला ने दोनों पक्षों का तर्क सुनने के बाद अशोक चौधरी को दोषी करार दिया और उसे 20 वर्ष तक के कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में न्यायालय ने पीड़ित बालक को 5 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने की भी अनुशंसा की है।

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