बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर इलाके में नौ दिन बाद शहनाइयां बजने वाली थी। पूरा परिवार खुश था। लंबे अरसे के बाद सभी लोग विवाह समारोह में जुटने वाले थे। मगर वैशाली से सैकड़ों किलोमीटर दूर पंजाब के लुधियाना में कुछ ऐसा हुआ कि पूरे परिवार में मातम पसर गया। लुधियाना के ग्यासपुरा में गैस रिसाव में 11 लोगों की जान गई है।

 

इस हादसे में नवनीत कुमार और उनकी पत्नी नेहा की मौत भी हो गई है। उनकी मौत की खबर गांव पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। नवनीत कुमार सोमवार को गांव जाने की तैयारी कर रहे थे। मगर विधाता को कुछ और ही मंजूर था। अब गांव से लोग लुधियाना आ रहे हैं। घरवालों के आने के बाद दोनों के शवों का पोस्टमार्टम होगा।

गैस चढ़ने के बाद हालत खराब होने पर सिविल अस्पताल में उपचाराधीन नितिन कुमार भी गांव जाने वाला था। वह राजस्थान से अपने भाई नवनीत के पास आया था। सभी को एक साथ सोमवार को गांव जाना था। नवनीत के चचेरे भाई अश्वनी ने बताया कि उनका भाई आरती स्टील में अकाउंटेट था और छोटा भाई नीतिन इंजीनियर है। गांव में उनके चचेरे भाई की शादी थी और सारा परिवार वहां जाने की तैयारी कर रहा था।
नीतिन बीकानेर (राजस्थान) में किसी निजी कंपनी में इंजीनियर है। दोनों भाइयों की फोन पर सलाह हो गई थी कि एक साथ ही गांव जाएंगे। नीतिन शनिवार की रात को ही नवनीत के पास आ गया था। नवनीत की बेटी नंदनी की हालत अब खतरे से बाहर है।

नीतिन ने बताई हादसे की सारी दास्तां
नीतिन ने बताया कि वह शनिवार की रात को ही भाई के पास आया था। रविवार की सुबह भाई और भाभी नीचे वाले कमरे में थे जबकि वह ऊपर वाले कमरे में सो रहा था। नीचे उन्हें सांस लेने में दिक्कत आई तो उन्होंने उसे आवाज लगाई। जब वह उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर नीचे दौड़ा तो अभी बात ही कर रहा था कि नंदनी गिर गई और बेहोश हो गई। इसी दौरान उसे भी सांस लेने में दिक्कत आने लगी और वह भी गिर गया। नीतिन ने बताया कि यह एक जहरीली गैस के कारण हुआ है। जब उसे होश आया तो वह अस्पताल में था जबकि अभी उसे पता चला है कि भाई और भाभी दुनिया में नहीं रहे।

किसी से बात नहीं कर पा रहा गोयल कोल्ड्रिंक स्टोर का मालिक गौरव
गौरव गोयल भी सिविल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। उनकी हालत अभी सही नहीं है। उनसे बात करने की कोशिश की जा रही है ताकि पता चल सके कि आखिर हुआ क्या था? मगर गौरव बात नहीं कर पा रहे हैं। उनकी जुबान लड़खड़ा रही है। डॉक्टरों ने अभी आराम करने की सलाह दी है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
विशेषज्ञ डॉ. बलविंदर सिंह औलख का कहना है कि हालात देखकर ऐसा लगता है कि मीथेन गैस के साथ कोई केमिकल मिक्स हुआ है। सीवरेज में मीथेन गैस पाई जाती है। एल्यूमीनियम फास्फाइड, जिंक फास्फाइड जैसे पदार्थ फैक्ट्रियों से निकलते हैं और मीथेन के साथ मिक्स होते हैं तो जहरीली गैस बनती है।

उन्होंने कहा कि यह सीधे दिमाग या फिर फेफड़ों पर असर करती है। इससे सांस लेने में दिक्कत आती है। उन्होंने कहा कि इसका असर सबसे पहले दिमाग और फिर फेफड़ों पर होता है। इस जहरीली गैस को फॉस्फीन गैस भी कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह एक अनुमान है। मुख्य वजह जांच में भी पता चल सकेगी।

उन्होंने कहा कि उनके पास कुछ वीडियो आए हैं। इन्हें देखकर वह हैरान है कि प्रशासन के पास भी कोई बचाव मास्क नहीं था। पुलिस कमिश्नर से लेकर डिप्टी कमिश्नर और सभी अधिकारी कोरोना वाले मास्क पहन कर ही वहां घूम रहे है। गीले रुमाल करने की बात हो रही थी। इससे इसका फायदा नहीं बल्कि नुकसान है। यह गैस पानी से ज्यादा फैलती है।

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