जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता द्वारा कराया गया था स्तरहीन निर्माण, जा॑च में तय मापदंड के अनुसार नहीं पाया गया निर्माण कार्य

मनेंद्रगढ़ ! कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ विकासखंड मे हसिया नदी में 40 लाख की लागत से बना स्टॉप डेम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है पहली ही बरसात में स्टॉप डैम धराशाही होकर बह गया ! स्टाप डेम की घटिया निर्माण की जानकारी प्रकाश में आने पर स्टॉप डेम की जांच कराई गई जिसमें स्टॉप डैम में तय तकनीकी मापदंडों के तहत कार्य कराना नहीं पाया गया है ! बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचारी जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता को अन्यत्र अटैचमेंट कर दिया गया है लेकिन भ्रष्टाचारी कार्यपालन अभियंता स्टे लेकर अपने जगह में बने रहकर प्रभार नहीं सौंप रहा है ! अब कलेक्टर द्वारा जांच कार्यवाही कराए जाने की बात कहीं जा रही है ! इस तरह से भ्रष्टाचारी अधिकारियों द्वारा लाखो की लागत से होने वाले निर्माण कार्य मे गुणवत्ता की अनदेखी कर किस तरह निर्माण कार्य कराया जा रहा है । इसका जीता जागता उदाहरण मनेन्द्रगढ़ के जल संसाधन विभाग द्वारा निर्माण कराया गया हंसिया नदी का स्टाप डेम है जो घटिया निर्माण के कारण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर धाराशाही हो गया है ! मिली जानकारी के अनुसार जल संसाधन संभाग बैकुंठपुर के अंतर्गत विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत हंसिया नदी में काली मंदिर के समीप स्टाप डेम निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी जिसके लिए डीएमएफ फंड से 40 लाख 89 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी किया गया था ! उक्त कार्य के लिए निर्माण एजेंसी जल संसाधन विभाग को बनाया गया था ! जिसके द्वारा 40 लाख की लागत से बनाया गया हसिया नदी में एनीकट एक साल भी नही टिक सका और पहली बारिश में ही भरभरा के ढह कर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। जिससे क्षेत्र में अधिकारियों की कार्यशैली भी उजागर हो रही हैं।हसिया नदी बने इस एनीकट में टेक्निकल मापदंडो का पालन नही किया गया।जिस जगह पर भारी भरकम राशि से एनीकट बनाया गया है।यहां पर लंबाई व जलभराव की स्थिति में तय मापदंडों का उपयोग नही करते हुए सीधे तौर पर अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य मे पानी की तरह रुपये बहाया गया है। चालीस लाख की लागत से बने इस एनीकट के आस पास जल भराव के कारण अब मिट्टी का कटाव भी हो रहा है। जिससे यहां से गुजरने वाले लोगो के लिए खतरा भी बना हुआ है। विभागीय जानकारी के अनुसार 40 लाख के इस हसिया नदी के एनीकट निर्माण में लगभग 38 लाख रुपये खर्च हो चुके है।जिसमे 2 लाख रुपये बचे हुए है।जिससे बहे एनीकट की मरम्मत कराने की बात की जा रही है। मनेन्द्रगढ़ के हसिया नदी में बने इस एनीकट के अगल बगल तेज़ बहाव के कारण भू स्खलन भी लगातार हो रहा है। इस ओर विभागीय अधिकारी भी महज़ खाना पूर्ति करते हुए सुरक्षा के लिहाज से कोई कारगर कदम नही उठाया है।स्टाप डेम ढह जाने की बात प्रकाश में आने पर मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर से कराई गई तो तय तकनीकी मापदंडों के अनुसार कार्य कराना नहीं पाया गया है! अब जब मामला कलेक्टर के संज्ञान में आया है तो कलेक्टर द्वारा जांच कार्यवाही कराए जाने की बात कहीं जा रही है !

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