ग्रामीण अंचल में मुक्कमल नही हो पा रही स्वास्थ्य सुविधाएं
0 प्रसव के लिए भी जाना पड़ रहा दूसरे राज्य
0 विशालपुर की प्रसव पीड़ित महिला व बच्चे की मौत से स्वास्थ्य सुविधा पर फिर उठा सवाल


सूरजपुर। शासन प्रशासन के तमाम दावो के बावजूद ग्रामीण अंचल के स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसव की मुक्कमल व्यवस्था नही बन पा रही है। जिससे असमय काल के गाल में गर्भवती महिलाओं को जाना पड़ रहा है। सबसे दुर्भाग्यजनक स्थिति ओड़गी ब्लाक के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र की है। जहां प्रशासन लाख दावे कर ले पर न तो अस्पतालो में कोई व्यवस्था है और न ही ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अस्पताल लाने तक की कोई व्यवस्था है। चांदनी बिहारपुर वह इलाका है जो जिला मुख्यालय से जहां सवा सौ किमी दूर है तो वहीं ब्लाक मुख्यालय से इसकी दूरी करीब 80 किमी के आसपास है। ऐसी स्थिति में यहां के लोगांे को मामूली बीमारी पर भी मध्यप्रदेश की शरण में जाना पड़ता है। जहां लाखो रूपए खर्च के बाद भी जान बचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसा ही एक मामला चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम विशालपुर का सामने आया है जहां कि एक प्रसव पीड़ित महिला को बिहारपुर अस्पताल ले जाया गया था। लेकिन यहां कोई व्यवस्था न होने से उसे मध्यप्रदेश के बैढ़न जाना पड़ा और तमाम कोशिशों के बावजूद जच्चा बच्चा दोनो की मौत हो गई है। विशालपुर के अम्बिका प्रसाद ने भैयाथान एसडीएम को एक लिखित आवेदन देकर उक्ताशय की शिकायत की है। अम्बिका प्रसाद का आरोप है कि वह अपनी पत्नी 30 वर्षीय उर्मिला को 16 जुलाई को प्रसव पीड़ा की शिकायत पर बिहारपुर चांदनी स्थित अस्पताल ले गया था। जहां उसे एकाध घंटे रखने के बाद उसे बाहर ले जाने को कह दिया गया। जिस पर वह अपनी पत्नी को बैढ़न लेकर गया जहां आॅपरेशन के बाद मृत बच्ची पैदा हुई। इधर बच्चा जनने के बाद उर्मिला की तबियत बिगड़ गई और बैढ़न के अस्पताल प्रबंधन ने भी हाथ खड़े कर लिए तथा उर्मिला को रीवां ले जाने की सलाह दी। लेकिन मैं जब तक रीवां ले जाने की व्यवस्था कर पाता तब तक मेरी पत्नी की मौत हो चुकी थी। बैढ़न अस्पताल प्रबंधन ने बगैर किसी पोस्टमार्टम के मेरी पत्नी का शव मुझे सौंप दिया गया। अम्बिका ने उक्त मामले की जांच के उपरांत आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग की है।

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