अम्बिकेश गुप्ता / कुसमीकोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम व बचाव को लेकर 4 सप्ताह तक बंद पड़े बॉक्साइट खदानों में उत्खनन का कार्य विगत दिनों प्रारंभ कर दिया गया उत्खनन कार्य चालू किए जाने से बॉक्साइट कार्य में लगे मजदूरों में उत्साह है मजदूर उत्साह पूर्वक बॉक्साइट कार्य करने खदानों में पहुंचने लगे हैं बॉक्साइट मजदूरों को प्रशासन द्वारा बनाये गयें नियमों का पालन करना हैं. जिससे कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हो सकें।

सामरी क्षेत्र में संचालित बॉक्साइट खदान अमटाही, धंधियापाठ, बाटा, राजेंद्रपुर, पिपरापाठ, डूमरखोली, टाटीझरिया, व बेतपानी में मजदूर 21 अप्रैल को उत्खनन कार्य में पहुंचे. इसके अगले ही दिन बॉक्साइट परिवहन का कार्य हिंडालको कंपनी के ठेकेदार द्वारा शुरू कर दिया गया. हिंडालको कंपनी के अधीनस्थ बॉक्साइट माइनिंग व ट्रांसपोर्टिंग का कार्य दो ठेकेदारों द्वारा किया जाता हैं. 22 अप्रैल को बॉक्साइट ट्रकों में लोड कर करीब 43 ट्रक बॉक्साइट अन्यंत्र राज्य छत्तीसगढ़ से बाहर उत्तर प्रदेश राज्य के रेणुकूट में बॉक्साइट डंपिंग करने के लिए निकली.

बॉक्साइट लोड ट्रकों के परिवहन को देखकर कुसमी, शंकरगढ़, राजपुर सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों व आम लोगों में यह चर्चा उठने लगी कि यदि छत्तीसगढ़ राज्य के बाहर ट्रक बॉक्साइट को लेकर जाएगी तो निश्चित ही दूसरे राज्य से कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की आशंका हैं. और इतने दिन हुए लॉक डाउन का कोई मतलब ही नहीं निकलेगा.

विधायक चिंतामणि ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर किया पहल, लोगों ने सराहा

यह बात जैसे ही स्थानीय विधायक चिंतामणि महाराज तक पहुंची उन्होंने तत्काल मामले की गंभीरता को समझते हुए 22 अप्रैल को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर समस्याओं से अवगत कराया. विधायक ने मुख्यमंत्री को बताया सामरी क्षेत्र से हिंडाल्को द्वारा बॉक्साइट परिवहन किया जा रहा है. परिवहन सामरी क्षेत्र से उत्तरप्रदेश के रेणुकूट एवं झारखंड के मेराल में किया जाता हैं. जहां कोरोना के कई हॉटस्पॉट हैं. कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूर्व में भी परिवहन पर रोक लगाई गई थीं. वर्तमान में जिला बलरामपुर ग्रीन जोन में हैं जहां कोई भी कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं पाया गया हैं. किंतु हिंडाल्को द्वारा पुनः बॉक्साइट परिवहन कार्य प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित किया गया हैं.अंतर राज्य परिवहन चालू होने से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता हैं. जिस संबंध में समस्त क्षेत्रवासियों ने संक्रमण के खतरे पर आशंका जताते हुए परिवहन पर रोक लगाए जाने हेतु निवेदन किया है. जिसके तुरंत बाद 23 अप्रैल को आदेश जारी करते हुए बलरामपुर कलेक्टर संजीव कुमार झा ने आगामी आदेश तक तत्काल परिवहन पर रोक लगा दिया. विधायक चिंतामणि की इस पहल को क्षेत्रीय लोगों ने सराहा हैं.

हिण्डालको प्रबंधन ने कहा कलेक्टर के आदेश पर उत्खनन व परिवहन….

इस मालें में हिण्डालको के प्रबंधन राजेश रंजन अम्बष्ट से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कलेक्टर के आदेश पर बाक्साईट उत्खनन व परिवहन का कार्य चालू किया गया था. 22 अप्रैल को कुल 43 ट्रक बॉक्साइट परिवहन कर डंपिंग के लिए रेनुकूट निकली थीं. अब केवल खदानों में उत्खनन का कार्य किया जा रहा हैं।

हिण्डालको की जिम्मेदारी जो ट्रक आया हैं उन्हें समय पर वापिस भेंजें – कलेक्टर

बॉक्साइट परिवहन की सूचना मिलते ही परिवहन में लगे ट्रक झारखंड राज्य से छत्तीसगढ़ की सीमा पार कर सामरी पाठ पहुचें थें. जिनमें से कुछ ट्रक बॉक्साइट लोड कर उत्तर प्रदेश के रेनुकूट रवाना हो गए. व कुछ ट्रक सामरी क्षेत्र में खड़ी कर दिया गया हैं. राज्य से बाहर आने पर प्रशासन द्वारा होम क्वॉरेंटाइन या आइसोलेट केंद्र में रखा जा रहा हैं. जानकारी छुपाने वालो पर कार्यवाही की जा रही हैं. चर्चा हैं कि राज्य के बाहर से आये ट्रक चालक व परिचालक पर जिला प्रशासन द्वारा क्या किया जाता हैं. इस पर कलेक्टर संजीव कुमार झां से चर्चा करने पर उन्होंने बताया सभी कार्य स्थल पर ही क्वॉरेंटाइन में रहेंगे. या जब काम होगा तब आएंगे सभी वापस चले जाये. जब जरूरत होगा तब आये. इंफेक्शन है तो अपने गृह में इलाज करवाएं. हिंडालको की जिम्मेदारी है कि यदि ट्रक आया है तो समय पर उन्हें वापस भेजें. यही निर्देश भी दिया गया हैं. बॉर्डर पर कनहर चेक पोस्ट में हेल्थ चेकअप भी हो रहा हैं. 15 -16 लोगों के बारे में जानकारी आई थीं कि सभी झारखंड से आ गए हैं उन्हें वापस भेजने निर्देश दिया गया हैं। संभवत: सभी वापस भी चले गये हैं।

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