प्रेमनगर पप्पू यादव- जिला सूरजपुर के अंतिम छोर एवं विकासखण्ड प्रेमनगर के दूरस्थ ग्राम में हाथियों ने ग्रामीणों के झाला-झोपड़ी तोड़कर घर से बेघर कर दिया है। करीब महीना भर पूर्व से जंगलों में डेरा जमाकर रखे हुवे हैं और ग्रामीणों में हांथियों के दल की आने की सूचना मिलने से दहसत बनी हुई है फारेस्ट विभाग के अधिकारी कर्मचारी हांथियों को भगाने एव गांव में किसी प्रकार से कोई ग्रामीणों को परेशानी न हो इसके लिए प्रयास कर रहे हैं लेकिन हांथियों को काबू करने में फारेस्ट विभाग भी नाकाम स्थिति में लग रही है ग्रामीणों के घर तोड़ने के कारण अब उन्हें अपने परिवार के साथ बेघर होना पड़ा है पेंडो के नीचे ठंड के समय बिताना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने तोड़े हुवे घर के सहयोग के लिए शासन से गुहार लगाई है हांथियों कि संख्या 7 है आज रामेश्वर नगर एवं हरिहरपुर के बीच जंगल झगरहवा में हैं वन विभाग की टीम पूरे मुस्तैदी के साथ सर्चिंग कर रही है और ग्रामीणों से अपील कर रही है कि कोई भी ब्यक्ति बिना काम से जंगल की ओर न आवें अपने घर पर ही रहें रामेश्वर नगर निवासी सुखराम, रामायण, वीरन सिंह, गौरी शंकर हैं जिनके पास रहने के लिए मकान नही है शासन से मुवावजा की मांग किया जा रहा है जिससे वे सभी अपनी घर पुनः बना सकें।

यह पूरा क्षेत्र वन विकास निगम के अंतर्गत आता है यहां हाथियों का दल पहुंचे 2 दिन से अधिक हो गए पर वन विकास निगम के एक भी कर्मचारी हाथियों द्वारा तोड़े गए इन घरों व परिवार वालों से मिलने तक नहीं पहुंचे, नाही क्षेत्र में ग्राम पंचायतों में हाथियों के आने पर लोगों को सजग रहने की मुनादी भी नहीं कराई जा रही इन तोड़े गए घरों के लोगों को अब पेड़ के नीचे रात गुजारनी पड़ रही है वही रामेश्वर नगर व आसपास के लोग रतजगा कर रहे हैं इनके पास हाथियों को भगाने या पर्याप्त कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है वन विभाग या वन विकास निगम की टीम द्वारा दी जाने वाली टॉर्च भी नहीं दिया गया है।

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