अंबिकापुर। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित कोल माइंस को लेकर बन रही उतार-चढ़ाव की स्थिति के बीच कोठी घर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री व क्षेत्रीय विधायक टीएस सिंह देव ने स्पष्ट किया कि उदयपुर के परसा कोल ब्लॉक क्षेत्र में अब कोई भी नई कोयला खदान नहीं खुलेगी। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मोबाइल पर बात की, जिस पर खदान नहीं खोलने को लेकर उन्होंने अपनी सहमति दी है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित केते एक्सटेंशन, पेंडरखी व बासेन में कोयला खदान को लेकर गांव वाले काफी विरोध में हैं। 95 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि यहां खदान नहीं खुले।
दिसंबर नहीं तो मार्च से नए भवन में लगेगा मेडिकल कॉलेज
मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा कि नए मेडिकल कॉलेज में निर्माण कार्य की प्रगति काफी अच्छी है। चिंता इस बात की है कि हमको 50 सीट और मिलने वाली है, अभी जो डिजाइन हुआ है वह 100 प्लस 125 सीट का है। उन्होंने कहा 175 बच्चों को बैठाकर पढ़ाई की व्यवस्था देखने बीते गुरुवार को वे मेडिकल कॉलेज अस्पताल गए थे। यहां एक लैब अनौपचारिक रूप से प्रारंभ किया गया है। मेडिकल कॉलेज का पांचवें व अंतिम फ्लोर का ढलाई करीब पूरा हो गया है। फिनिसिंग का कार्य चल रहा है। मार्च आखिरी तक संभवत: भवन निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। नए भवन में 31 दिसंबर तक संभवत: मेडिकल कॉलेज भी चालू हो जाएगा, नहीं तो मार्च आखिरी तक प्रारंभ होना सुनिश्चित है। उन्होंने बताया मेडिकल कॉलेज में एमआरआइ मशीन व नए उपकरण की खरीदी के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज सर्वाधिक सीट लाने में सफल
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने बताया कि पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे कम समय में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज सर्वाधिक 46 पोस्ट ग्रेज्युएट की सीट लाने में सफल हुआ है। 46 पोस्ट ग्रेज्युएट कोर्स यहां शीघ्र ही चालू हो जाएंगे। पोस्ट ग्रेज्युएट के कोर्स को प्रारंभ कराने स्टॉफ की आवश्यकता पड़ेगी। स्टॉफ में 70 प्रतिशत पोस्ट आ गई है, 30 प्रतिशत बाकी है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 3 नए मेडिकल कॉलेज के लिए भी स्टाफ की आवश्यकता है। अभी उच्च न्यायालय का निर्णय आ गया है। पहले हमने स्थानीय बोर्ड से भर्ती का फैसला लिया था, लेकिन उच्च न्यायालय ने इसे असंवैधानिक बताया है और इस परीक्षा को ओपन रखने का निर्णय दिया है। सिंह देव ने बताया कि बाहर के जो लोग आते हैं, भर्ती होते हैं और ट्रांसफर करा चले जाते हैं, उनके कारण स्टॉफ की कमी बनी रहती है और प्रबंधन की परेशानी बरकरार रहती है। अब जो न्यायालय का आदेश आया है, सरकार उस पर विचार कर रही है। खुली भर्ती में कमिश्नरी व जिला स्तर पर तबादला होने जैसे नियम बनाए जा रहे हैं, ताकि जहां भर्ती हो उस जिले में ट्रांसफर हो सके।

2-2 गोल की बराबरी पर रहे राता व बबौली की टीम
अंबिकापुर। शहर के गांधी स्टेडियम में खेले जा रहे सरगुजा फुटबॉल लीग प्रतियोगिता में शुक्रवार को राता क्लब हरकोना व फुटबॉल क्लब बबौली धौरपुर के बीच मैच खेला गया। प्रथम हॉफ में धौरपुर की टीम ने एक अपनी बढ़त बनाई, परंतु प्रथम हॉफ में ही फुटबॉल क्लब राता की टीम ने भी एक गोल से टीम को बराबरी पर ला दिया। दूसरे हॉफ में फुटबॉल क्लब राता ने अपने टीम के लिए दूसरा गोल कर 2-1 से बढ़त बना ली। खेल बहुत ही रोमांचक रहा। दर्शकों ने अपने-अपने टीम को खूब समर्थन किया। दूसरे हॉफ में ही धौरपुर, बबौली की टीम ने दूसरा गोल कर अपने टीम को बराबरी पर ला दिया। इस प्रकार दोनों टीम दो-दो गोल की बराबरी पर रही। मैच के रेफरी रती तिर्की, रवि लकड़ा व अमरजीत रहे। शनिवार को दो मैच खेला जाएगा। पहला मैच 2.30 बजे से फुटबॉल क्लब धौरपुर व एसएस फुटबॉल क्लब गुमगरा एवं दूसरा मैच फुटबॉल क्लब इंदरानगर वार्ड 10 व एसटी फुटबॉल क्लब लखनपुर के मध्य खेला जाएगा।

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