मनेंद्रगढ़ (एमसीबी) । देश के प्रख्यात लेखक गिरीश पंकज के मुख्य आतिथ्य में विजय इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल में डॉ. मृदुला सिंह प्राध्यापक शासकीय विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर मध्यप्रदेश द्वारा रचित पुस्तक ‘‘स्वातंत्र्योत्तर काव्यगत राष्ट्रधर्मिता,‘ शोध प्रबंध का विधिवत विमोचन संपन्न हुआ। इस अवसर पर विमोचन समारोह की अध्यक्षता शासकीय महाविद्यालय चिरमिरी के प्राचार्य डॉ राम किंकर पांडे ने की । विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश पाठक व वीरेंद्र श्रीवास्तव मंच पर उपस्थित रहे। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा विद्या दायिनी मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित व पुष्पार्चन कर किया गया । ‌ मंचीय अतिथियों का आत्मीय स्वागत जबलपुर से आए ठाकुर अरुण सिंह गौर, विजय इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्राचार्या इंदिरा सेंगर व डायरेक्टर संजय सेंगर ने किया। वरिष्ठ साहित्यकार स्व. अमर लाल सोनी की स्मृति में आयोजित विमोचन कार्यक्रम उनके पुत्र राजीव सोनी का शाल श्रीफल द्वारा स्वागत किया गया। शोध प्रबंध की लेखिका डा. मृदुला सिंह का परिचय सुषमा श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। उपकार शर्मा द्वारा पद्मश्री गोपालदास नीरज के गीत ’’कारवां गुजर गया, गुबार देखते रहे’’ प्रस्तुत कर कार्यक्रम को ऊंचाइयाॅ प्रदान की गई । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गिरीश पंकज ने, राष्ट्र धर्मिता को जगाने में साहित्य के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिलाने में एवं आजादी के बाद हिंदी साहित्य के कई मूर्धन्य साहित्यकारों ने निरंतर देश के लोगों को राष्ट्र से जोड़ने एवं देश के भावना विकसित करने का काम किया है। डॉक्टर मृदुला सिंह की पुस्तक स्वातंत्र्योत्तर काव्यगत राष्ट्रधर्मिता पर कार्यक्रम के अध्यक्ष रामकिंकर पांडे एवं विशिष्ट अतिथि जगदीश पाठक, वीरेंद्र श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किया। आयोजक संस्था विजय नर्सरी इंग्लिश मीडियम स्कूल द्वारा अतिथि गिरीश पंकज को शाल श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र द्वारा सम्मान किया गया। बैकुंठपुर से आए एस के रूप दैनिक सम्यक क्रांति, रूद्र प्रसाद मिश्रा डॉ राजकुमार, योगेश गुप्ता एवं स्थानीय पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ब्लासम स्कूल के जसवीर सिंह, यूनिवर्सल पब्लिक स्कूल के राजकुमार पांडे एवं स्थानीय साहित्यकार गणमान्य नागरिक उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन सतीश उपाध्याय एवं अनामिका चक्रवर्ती जी ने किया। समस्त आमंत्रित अतिथियों का आभार श्रीमती इंदिरा सेगर ने किया।

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