राजेन्द्र ठाकुर बलरामपुर/ बलरामपुर- तेंदूपत्ता तैयार होते ही ग्रामीण जंगलों में पत्ती तोड़ने की होड़ सुरु हो गई है। पत्ती तोड़ने लोग सेमरसोत अभ्यारण्य में भी जाने लगे है,जबकि अभ्यारण्य क्षेत्र में तेंदूपत्ता तोड़ना या किसी भी प्रकार का संग्रहण करना पूर्ण रूप से प्रतिबधित है। इसका प्रचार प्रसार भी वन विभाग द्वारा किया जा रहा है, इसके बावजूद भी ग्रामीण नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। आज जब सुबह दलधोवा निवासी विरेन्द्र पिता रतिराम दलधोवा के पहाड़ में तेंदूपत्ता तोड़ने गया था। पत्ती तोड़ने के दरम्यान ही जंगली मादा भालु उस पर हमला कर दिया जिससे पीड़ित के कमर, पैर में चोट आई है। जैसे ही इसकी सूचना वन अमला को हुई तात्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कराकर ईलाज प्रारंभ करा दिया गया है। रेंजर डी पी सोनवानी के निर्देश पर पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराकर हर संभव मदद करने का अस्वासन दिया गया है। साथ ही ग्रामीणों को अभ्यारण्य क्षेत्र में तेंदूपत्ता नही तोड़ने की अपील भी की गई है।

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