दतिमा मोड़ (अनूप जायसवाल)- सूरजपुर ज़िले के ग्रामीण अंचल राई (कमलापुर) प्रतीक्षालय के ग्राउंड के पीछे लगे प्लांटेशन में अवैध पेड़ों की अवैध कटाई जोरों पर है। महीनों से हो रही अवैध कटाई पर वन व एसईसीएल विभाग का मौन रहना आश्चर्यजनक है। एक ओर तो वन भूमि पर कटाई कर रहे वहीं दूसरी ओर लकड़ी तस्कर अवैध कटाई कर उसे चोरी छुपे बेचने में निरंतर बेखौफ लगे हैं। एसईसीएल विभाग के द्वारा एसईसीएल के गृहीत भूमि पर 5 वर्ष पूर्व लाखों खर्च कर पौधारोपण व प्लांटेशन कराया गया था लेकिन कुछ दिनों से दिन-रात धड़ल्ले से लगभग 10 पंचायतो के सैकड़ों के संख्या ग्रामीण अवैध कटाई बेखौफ होकर कर रहे हैं फिर भी एसईसीएल विभाग व वन विभाग के अधिकारियों का आंख मूंदकर बैठना यह साबित करता है कि जंगलों की अवैध कटाई वन विभाग की सरपरस्ती पर खुलेआम चल रही है। जंगलों के संरक्षण संवर्धन तथा वनों की सुरक्षा के लिए केंद्र व राज्य सरकार प्रतिवर्ष क्षेत्र में करोड़ों रुपए खर्च कर रही है किंतु पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने में वन विभाग पूरी तरह असफल रहा है या यूं कहें कि वन विभाग अवैध कटाई व वन तस्करों के संरक्षण को लेकर कार्य कर रहा है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

पेड़ों की अवैध कटाई लगातार जारी है। इनके टूट अभी भी मौजूद हैं जिन पर विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे वन तस्करों के हौसले बुलंद हैं और अब वे सड़क किनारे के पेड़ों को काटकर परिवहन करने में लगे हैं। यदि यही हाल रहा तो आच्छादित वनों के लिए विख्यात यह ग्रामीण क्षेत्र जल्द ही समाप्ति की ओर होगा। ऐसा नहीं है कि इसकी सूचना पर्यावरण प्रेमियों ने अधिकारियों को न दी हो किंतु तस्करों से मिलीभगत के चलते अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर शिकायत भी की थी किंतु उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया।

पर्यावरण को बढ़ावा देने वनों की सुरक्षा करने गांव-गांव में वन सुरक्षा समितियों का गठन भी किया है जो वनों की सुरक्षा के साथ साथ पर्यावरण जागरूकता के लिए भी कार्य करती हैं किंतु यहां तो वन सुरक्षा समिति सिर्फ कागजों में बनी हुई है। इसलिए वनों की सुरक्षा ताक पर है और वन तस्कर खुलेआम शासन के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

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