दतिमा मोड़ (अनूप जायसवाल)- भैयाथान परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू इट फूड सप्लाई करने नियुक्त महिला स्व सहायता समूहों की बेखौफ मनमानी करते हुए निम्न गुणवत्ता की सामग्री वितरित की जा रही है। जिसकी लगातार शिकायत लगातार की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मेदार की अनदेखी और लापरवाही से बार-बार यहां की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही है इसी कारण नियमों को दरकिनार कर केवल आर्थिक लाभ के लिए रेडी टू ईट तैयार किया जा रहा है ऐसा कर वह बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं बार-बार मामला सामने आने के बाद भी जिला महिला बाल विकास व भैयाथान महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों का इस लापरवाही पर अनदेखी कर भ्रष्टाचार करने वालों को बढ़ावा दे रहे हैं।

विदित हो कि भैयाथान महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय के अंतर्गत 11 सेक्टर आते है। भैयाथान, सत्यनगर, दर्रीपारा, बंजा, सोनपुर, सलका, बतरा, तेलगांव, भटगांव, बुंदिया, चंद्रमेढ़ा अंतर्गत 335 केंद्रों में रेडी टू ईंट फूड का सप्लाई कर रहे है। हाल ही में जांच कराई जाए तो रेडी टू ईट बनाने में पूरी तरह लापरवाही और स्वास्थ्य सुरक्षा की अनदेखी करने के बाद सामने आएगी इसमें अधिकारियों के लिए लाई पकड़ी गई है समूह द्वारा संचालित रेडी टू ईट निर्माण तथा वितरण में गंभीर अनियमितता विभाग की सेटिंग से बरती जा रही है इससे पहले भी जारी नोटिस के बाद समूह के लोगों को गलती को स्वीकारते हुए विभाग के अफसरों ने क्षमा याचना की गई थी। कुछ महीनों पूर्व लगातार शिकायत के आधार पर जिला विभागीय अधिकारी द्वारा कसकेला में जांच कराई गई थी जोकि खाने योग्य नही पाया गया था। साथ ही समहू द्वारा सप्लाई आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या पूर्व से बढ़ा दी गई थी। वर्तमान में इस समूह द्वारा सप्लाई में भारी अनियमितता बरतते हुए निम्न गुणवत्ता का फूड सप्लाई किया जा रहा है। सेक्टर में सप्लाई करने वाले समूहों के फूड में गुणवत्ता की बहुत कमी है। लेट से फूड मिलने के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को पर्याप्त पोषण सामग्री नहीं मिल पाती।

भैयाथान विकासखंड परियोजना अंतर्गत कई आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यकर्ता अनुपस्थित रहते है। वही इन कार्यकर्ताओं की उच्च अधिकारियों द्वारा कभी जांच नहीं की जाती और न ही औचक निरीक्षण किया जाता है। आलम यह है ये कार्यकर्ता अधिकारियों से समझौता कर बिना केंद्रों में उपस्थिति दिए वेतनमान का लाभ लेती रहती है। इनके कार्यो का बोझ इमानदारी से कार्य करने वाली कार्यकताओं को वहन करना पड़ता है। अधिकारियों के दबाव के चलते विरोध नहीं कर पाते है।

इस संबंध में हमारे संवाददाता ने महिला बाल विकास भैयाथान विकासखंड अधिकारी गौरव गहरवार से बात करना चाहा तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।

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