रेत की लगातार मांग बढ़ रही.. कारोबारियों की बल्ले-बल्ले

बिना किसी फिटपास के धड़ल्ले से रेत का अवैध कार्य

दतिमा मोड़/सूरजपुर (अनूप जायसवाल)- नियम-कायदों को ताक पर रखकर गैरकानूनी रूप से अवैध रेत का उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है। इस कार्य में जिले के आला अधिकारियों का सहयोग मिल रहा है तो कहीं ग्राम पंचायत का। अवैध रेत उत्खनन में माफिया पीछे नहीं हैं। रेत का अवैध कारोबार धड़ल्ले जारी है। रेत माफिया खुलेआम अपने टिपर, ट्रैक्टर, मिनी ट्रक में भरकर रेत बेच रहे हैं। शासन को लाखों के राजस्व की चपत लगा रहें है। प्रशासन चुप्पी साध कर बैठा है। कई थानों-चौकी के सामने से रेत से भरे गाड़िया निकलते रहते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है।

रेत माफियाओं द्वारा प्रतिदिन सैकड़ों ट्राली रेत भर कर परिवहन कर रहे जैसे खनिज विभाग की साठगांठ हो। सूरजपुर जिला मुख्यालय से छः किमी में दूर स्थित रुनियाडीह के सोहागपुर व मंदिर से लगे रुनियाडीह दोनो जगह प्रतिदिन बड़ी-बड़ी वाहनों में रेत भरा जा रहा है। रेत माफियाओं के अवैध कारोबार में खनिज विभाग का उन्हें पूरा सहयोग प्राप्त है, लेकिन कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। इन दिनों अम्बिकापुर, लटोरी, सूरजपुर, कलुआ, बिश्रामपुर, भटगांव, सहित अन्य जगहों में सैकड़ों निजी मकानों का निर्माण का कार्य जारी है, जिस कारण से रेत की मांग बढ़ गई है, जिससे रेत के कारोबारियों की बल्ले-बल्ले है। बिना किसी कागजाद के धड़ल्ले से रेत का अवैध कारोबार करने में लगे है। माफिया शासकीय आदेश का किस तरह का माखौल उड़ा रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई भी दिखावे भर की होती है। दिन तो दिन अंधेरा होते ही रामनगर, खरसुरा, दतिमा, करसु, करवा, लटोरी, भगवानपुर होते हुए अम्बिकापुर में बड़ी मात्रा में रेत का परिवहन किया जाता है। रेत माफिया बराबर धंधा चमकाने में जुटे हुए हैं। खनिज विभाग की लापरवाही के कारण अवैध उत्खनन को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रामीणों के द्वारा खनिज विभाग का ध्यान आकर्षित कराया गया था। इसके बाद खनिज विभाग ने दिखावटी कार्रवाई कर अवैध रेत उत्खनन बंद होने का ढिंढोरा पीट रहा है। परंतु अवैध रेत उत्खनन और परिवहन जोरों से चल रहा है।

गांव में भी आतंक, स्कूली बच्चों का जान खतरे में

रुनियाडीह, सोहागपुर के लोगो का मुख्य मार्ग यही सड़क है और इसी से आना-जाना करना पड़ता हैं। अवैध तरीके से रेत की तस्करी करने वाले भी इस मार्ग से आना-जाना करते हैं। रास्ता संकरा होने से रास्ते पर साइकिल, दोपहिया वाहन जान खतरे में डालकर सफर करना पड़ता हैं। रेत के वाहनों कारण रास्ते की हालत बहुत खराब हुई हैं। उक्त रेत के वाहन चालक लापरवाही से वाहन तेज गति से दौड़ाते हैं जिससे इस मार्ग पर से स्कूल में जाने वाले छात्रों की जान खतरे में पड़ी हैं और मुख्य मार्गों पर कई स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र लगी हुई है।

राहगीरों के लिए बन रहे काल

इन वाहनों से दुर्घटनाओं में फिलहाल दर्जनों लोग जान गवा चुके है साथ ही कई घायल हो चुके है। लेकिन प्रशासन की तनिक सा भी प्रयास होता नही दिख रहा है जिसका खामियाजा लोग अपनी जान गवा के चुका रहे है। हर सेकेंड के हिसाब से गाड़िया चल रही है जिसमे राहगीर व स्थानीय निवासी व व्यवसायी सहमे हुए है। इन वाहनों के आतंक से त्रस्त हो चुके है। रात दिन तेज रफ्तार से सड़क में गाड़ियां रेत से भरी लोड गाड़ियां दौड़ती रहती है। अवैध रेत से भरे हुए टिपर, ट्रैक्टर, मिनी ट्रक ट्रॉलियां सड़कों पर दिन दहाड़े सरपट दौड़ते हुए देखे जा सकते हैं, ओवरलोड इतने अधिक होते हैं कि अगला हिस्सा ऊपर उठकर चलता है, बीच बाजार में कभी भी कोई अप्रिय घटना भी घट सकती है।

यदि अवैध रूप से उत्खनन व परिवहन किया जा रहा है तो सरासर गलत है, हमारी टीम आपके द्वारा बताए गए दोनो स्थानों में लगातार सर्च करेगी। घाट में उत्खनन करते पाए जाने पर निश्चित ही कार्रवाई होगी।

नेहा टंडन
माइनिंग इंस्पेक्टर सूरजपुर।

मुझे जानकारी नहीं है, आपके माध्यम से प्राप्त हो रही है। शिकायत मिलने पर अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई होती है। मैं खनिज विभाग को निर्देशित कर तत्काल दिखवा लेती हूं, नियम विरुद्ध पाए जाने पर अवश्य कार्रवाई की जाएगी।

इफ्फत आरा
कलेक्टर सूरजपुर।

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