शहर के गुदरी बाजार की घटना, तलाश में तथाकथित साधु नहीं लगा हाथ

अंबिकापुर। शहर में साधुओं का भेष धारण किए पाखंडियों की भरमार देखने को मिल जाएगी, जो जोगी का लबादा ओढ़कर किसी को भूत, भविष्य और वर्तमान बताकर भ्रमित करते नजर आते हैं। सामने वाले को भ्र्रमित करके इनका करिश्मा कईयों को मुग्ध कर देता है, और वे इनके प्रति श्रद्धान्वत हो जाते हैं। ऐसे में ही एक साधु ने शहर के एक युवक को ऐसा झटका दिया, जिससे उसकी कुछ पल के लिए बोलती बंद हो गई। साधु के वेश में आए पगड़ीधारी ने युवक के हाथ से सोने का कीमती अंगूठी उतरवाने के बाद सौ रुपये के दो नोट लेकर देखते ही देखते कथित रूप से गटक गया। तत्समय तो युवक साधु के द्वारा खुद को महिमामंडित करने दिखाए जा रहे चमत्कार में मुग्ध रहा, उसकी मानसिक स्थिति कुछ सोच-समझ पाने की नहीं थी। साधु के चमत्कार को नमस्कार करने के बाद उसकी तन्द्रा टूटी, तब तक वह साधु मौके से रफूचक्कर हो लिया था। इसकी जानकारी जब वह अपने घर के सदस्यों को दिया, तो उनके भी होश उड़ गए। इसके बाद युवक को खरी-खोटी सुननी पड़ी, और वह चुपचाप कोतवाली थाना पहुंचकर घटना की जानकारी दिया। साधु के तलाश में पुलिस के साथ युवक काफी हाथ-पैर मारा, लेकिन वेश बदलकर शहर में घूमने वाले तथाकथित साधु का पता नहीं चला।
जी हां…यह कोई किवदंती नहीं बल्कि शहर में हाल में हुई सत्य घटना है। इसके पहले भी ऐसे मामले हुए हैं। पूर्व में एक घर से भूत और भविष्य की काली परछाई का भय दिखाकर सज्जन सा प्रतीत होने वाला साधु न सिर्फ वजनी पीतल, कांसा का बर्तन समेटकर ले गया, बल्कि 15 सौ रुपये नकद की चपत भी लगा गया। इसके साथ ही राशन, पानी भी लेनेे से गुरेज नहीं किया। एक नागा साधु अपने बाल में हाथ फेरकर सिंदूर का चमत्कार दिखाने के बाद एक युवक के हाथ से चांदी की अंगूठी उतरवाकर ले गया था, साथ ही जेब में रखे रुपये पर उसकी नजर टिकी थी, जिसे लेने के तमाम तिकड़म रचते वह सफल हो गया। इन साधुओं की चर्चा तो दबी रह गई, लेकिन बीते मंगलवार को गुदरी बाजार से लगे विजय मार्ग में रहने वाले एक युवक को साधु जिस प्रकार करीबन एक से डेढ़ लाख की चपत लगा गया, वह हैरान करने वाला है। युवक मंगलवार को गुदरी बाजार से लगे कांप्लेक्स में स्थित एक दुकान में किसी काम से आया था। यहां से निकल पाता, इसके पहले साधु के वेश में पगड़ीधारी पहुंच गए। वह दुकान से बाहर निकल पाता, इसके पहले साधु को खाली हाथ नहीं भेजते कहकर खुद के नागा होने का आभास कराते अड़ गए। युवक ने 50-100 रुपये देकर पिंड छुड़ाने का प्रयास किया। इधर साधु की नजर युवक के हाथ में पहने सोने की अंगूठी पर थी। वह बातों में उलझाकर युवक को मोहित कर लिया और अंगूठी उतारकर देने के लिए कहा। युवक की मति को न जाने क्या हो गया था, वह साधु को कीमती सोने की अंगूठी उतारकर दे दिया। इसके बाद साधु ने रुपये की मांग की तो वह सौ-सौ रुपये का दो नोट उसे थमा दिया था। इसके बाद साधु ने युवक के सिर में हाथ फेरकर अंगूठी और नोट को खाने की इच्छा व्यक्त की, युवक को कुछ समझ में नहीं आया और देखते ही देखते साधु अंगूठी के साथ नोट को मुंह में डालकर जुगाली करने लगा, युवक फटी आंखों से यह देखते रह गया। इसके बाद भी साधु उक्त युवक को करीब 10 मिनट तक अपने मोहिनी जाल में बांधकर रखा था, फिर चले गया। इनके जाने के बाद युवक की तन्द्रा भंग हुई और हाथ में पहने सोने की कीमती अंगूठी के जाने का मलाल लिए वह घर पहुंचा। पूरे घटनाक्रम को पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा करने के बाद उसे जिस प्रकार खरी-खोटी सुननी पड़ी, इसे वह शब्दों में कुछ इस तरह बयां किया, ‘मार खाना छोड़कर हर करम हो गया भाईÓ। इसके बाद वह कोतवाली थाना पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी दिया। पुलिस साधु के तलाश में शहर के ऐसे हर लॉज, धर्मशाला में दबिश दी जहां साधुओं के ठहरने की संभावना बनी रहती है, लेकिन कथित रूप से अंगूठी नीलकर डकार तक नहीं लेने वाले साधु का पता नहीं चल पाया।
साधु के वेश में घूम रहे कई अनजान चेहरे
शहर में आए दिन साधु के वेश में कई अनजान चेहरे देखने को मिल जाएंगे। इनके पड़ाव स्थल और शहर में घूमने के दौरान वेशभूषा भिन्न रहता है। शरीर से बलिष्ठ कोई नागा साधु के वेश में तो कोई सामान्य साधु के वेश में घूमते नजर आ जाएगा। कब ये किसके घर में दस्तक दे देंगे कह पाना मुश्किल रहता है। अगर घर में महिला सदस्य है, तो उनकी मति को भ्रमित करके ये क्या ले जाएंगे, कह पाना मुश्किल रहता है। ऐसे साधुओं से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। अगर घर में सिर्फ महिला सदस्य हैं, तो उन्हें और भी सावधानी बरतनी चाहिए। इन्हें नजरअंदाज कर देने में ही भलाई है। युवक ने बताया कि पुलिस जब शहर में इनके संभावित ठिकानों में पहुंची तो इनका रहन-सहन और हाव-भाव देखकर वह दंग रह गया, जिससे इन्हें पहचान पाना भी मुश्किल था।

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