बलरामपुर। जिला मुख्यालय के कांग्रेस कार्यालय में शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार के शिक्षा और रोजगार नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10463 स्कूलों का बंद करना और शिक्षकों के 45 हजार से अधिक पदों का समाप्त होना शिक्षा एवं रोजगार विरोधी कदम है, इससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था को गहरा आघात पहुंचेगा।
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के नाम पर सरकार न केवल स्कूलों को मर्ज कर रही है, बल्कि शिक्षकों की भर्ती के अवसर भी समाप्त कर रही है। नई व्यवस्था के तहत स्कूलों में शिक्षकों के न्यूनतम पदों में कटौती की जा रही है। इससे एक ही शिक्षक को 18 से अधिक कक्षाएं पढ़ाने की बाध्यता होगी, जो व्यवहारिक रूप से असंभव है। सरकार इस कदम के जरिए शिक्षकों की नई भर्तियों से बचना चाहती है। उन्होंने बताया यह निर्णय बस्तर, सरगुजा और जशपुर जैसे आदिवासी अंचलों के बच्चों की शिक्षा पर सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। भाजपा सरकार का यह कदम न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेगा, बल्कि रसोईया और मध्यान्ह भोजन में कार्यरत स्व-सहायता समूह की बहनों के सामने भी आजीविका का संकट खड़ा कर देगा। पूर्व में डॉ. रमन सरकार के कार्यकाल में भी 3300 से अधिक स्कूल बंद किए गए थे और 12000 शिक्षकों के पद समाप्त कर दिए गए थे, आज फिर वही नीति दोहराई जा रही है। प्रदेश में वर्तमान में 58000 से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं, हजारों शिक्षक हर वर्ष सेवानिवृत्त हो रहे हैं, इसके बावजूद सरकार न तो प्रमोशन कर रही है, न ही समयमान वेतनमान पर कोई निर्णय ले रही है। युक्तियुक्तकरण के बहाने शिक्षकों को डराकर और पद समाप्त कर सरकार अपनी जवाबदेही से बच रही है। कांग्रेस पार्टी ने इस निर्णय के खिलाफ जमीनी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि शीघ्र ही पूरे प्रदेश के जिलों और ब्लॉकों में आंदोलन किया जाएगा। पत्रकारवार्ता में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष केके सिंह देव, राजू सिंह, नन्हेलाल गुप्ता, संजीव गुप्ता व कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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