तीसरे दिन भी अस्पताल व कार्यालयों में कामकाज रहा प्रभावित
अंबिकापुर। महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के प्रांतव्यापी आह्वान पर सरगुजा जिले के कर्मचारी-अधिकारी आंदोलन के तीसरे दिन पंडाल में उत्साहपूर्वक माहौल में डटे नजर आए। मोर्चा के जिला संयोजक अखिलेश सोनी ने बताया कि 17 प्रतिशत लंबित महंगाई भत्ता तथा केंद्र के समान सातवें वेतनमान के अनुसार पुनरीक्षित गृह भाड़ा भत्ता के लिए प्रदेश के लाखों कर्मचारी 11 से 13 अप्रैल तक सामूहिक अवकाश लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया, जिसका समापन बुधवार को रैली के रूप में कलेक्टोरेट पहुंच मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर सरगुजा को सौंपकर किया गया।
विदित हो कि सरकार के कर्मचारी विरोधी रवैये के कारण प्रदेश के लाखों कर्मचारियों में रोष है। महंगाई भत्ता प्रत्येक कर्मचारी का अधिकार होता है क्योंकि इसका निर्धारण महंगाई सूचकांक के अनुसार होता है। आज सभी वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं चाहे वह किराना समान हो, गैस हो, पेट्रोल या डीजल हो, तमाम आवश्यक वस्तुएं जो रोजमर्रा के काम आती हैं उनमें 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऐसे में कर्मचारियों का महंगाई भत्ता रोकना कर्मचारियों के साथ अन्याय और धोखा है। लगभग 27 माह से कर्मचारियों का महंगाई भत्ता फ्रीज कर दिया गया है, इससे एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर प्रथम श्रेणी अधिकारी तक प्रभावित हो रहे हैं, उन्हें प्रतिमाह पांच हजार से 20 हजार रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। अपनी जायज मांगों को लेकर महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के बैनर तले प्रदेश के 30 संगठनों ने सामूहिक रूप से महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा बनाकर आंदोलन किया और एकता का परिचय दिया। तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन, आंदोलन से पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में असर पड़ा, वहीं कार्यालयों का कामकाज प्रभावित हुआ। मंत्रालय कर्मचारी संघ के द्वारा मुख्य सचिव के साथ बैठक पश्चात यह सूचना दिया गया था कि आगामी सप्ताह में महंगाई भत्ता पर निर्णय हो सकता है। सकारात्मक चर्चा के उपरांत उन्होंने एक दिवसीय सामूहिक अवकाश का कार्यक्रम स्थगित कर दिया था। मोर्चा के बैनर तले बुधवार को भी प्रदेश के लाखों कर्मचारी आंदोलनरत रहे। मुख्यमंत्री जी से आग्रह किया गया है कि उन्हें लंबित 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता तथा केंद्र के समान गृह भाड़ा भत्ता यथाशीघ्र दिया जाए। इस दौरान विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी आरएन सिंह, आलोक कुशवाहा, अखिलेश सोनी, डीपी तिवारी, अब्दुल जाकिर, महेंद्र सिंह, ऋषिकेश कुशवाहा, मेघनाथ साहू, धनेश प्रताप सिंह, डॉ.नीरज वर्मा, कमलनयन त्रिपाठी, सऊद अंसारी, तरुण आदित्य दुबे, इशरत जहां, ज्योति, शैलेंद्र गुप्ता, तूफान अली, सुजान बिंद, अनिल कुमार पांडेय, दुर्गेश त्रिपाठी, शंभू भगत, रमाकांत तिवारी, ताराचंद यादव, उषा गुप्ता, सुषमा मिंज, शंभू प्रसाद सोनी, जगर साय, विद्या राजवाड़े, जगमोहन राम, जगत नारायण यादव, आरके सिंह, अखिलेश कुमार पैकरा, शैलेष सिंह, श्रीकांत राय, मुस्तफा अंसारी, अभिषेक कुमार, हेमंत कुमार मरावी, शैलेंद्र भगत, कैलाश, चंद्रिका प्रसाद पैकरा, शैलेंद्र कश्यप, संजीव कुमार पावले, कमिल लकड़ा, योगिता ठाकुर, सोना पटेल, लता पैकरा, विजेता भगत, सिलसिला बखला, मनीष सिंह, अनिल कुमार सिंह, दर्शन सिंह, मान बहादुर, शिवाराम, विशाल, कृष्णा, लक्ष्मी बैरागी, सोस्ति गुप्ता, दुहन शर्मा, विवियाना यादव, वेद कुमार, राज कुमार पैकरा, जयकुमार, अनिल कुमार, शिव शंकर दुबे, उर्मिल पास एक्का, आरडी राजवाड़े, धीरेंद्र कुजूर, रेवती सिंह, उमेश यादव, देवेंद्र दुबे, अभिमन्यु तिवारी, बिंदेश्वर भगत, सविता शर्मा, संगीता कुजूर, मृदुल कुमार, ज्योति ली, मीना कुशवाहा, रवि कुमार जमके सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।

Categorized in: