मनेंद्रगढ़ ! साहित्य एवं कला संस्थान द्वारा श्रमिक दिवस पर स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक वीरेंद्र पांडे, एचएम एस के महामंत्री एवं जुझारू श्रमिक नेता नाथूलाल पांडे , खोगापानी क्षेत्र के श्रमिक नेता अख्तर जावेद ,एटक के प्रांतीय अध्यक्ष एवं एसईसीएल कोल्डफील्ड संचालन समिति के सदस्य हरिद्वार सिंह, श्रमिक नेता जितेंद्र सिंह सोढ़ी कोल्डफील्ड के यूनियन नेता,हरि यादव, भगत सिंह ब्रिगेड चरचा के परमजीत सिंह एवं छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार एवं सद्भावना दर्पण के संपादक गिरीश पंकज की विशिष्ट उपस्थिति में श्रमिक दिवस पर ऑनलाइन परिचर्चा का विशिष्ट आयोजन किया गया। इस वर्चुअल आयोजन में श्रमिक आंदोलन से जुड़े श्रमिक नेताओं के अतिरिक्त मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के चर्चित साहित्यकार ऑनलाइन परिचर्चा में सम्मिलित हुए। आमंत्रित श्रमिक नेताओं एवं साहित्यकारों ने मजदूरों को देश के विकास की रीढ़ बताते हुए श्रम कानूनों से उनके मौलिक अधिकारों के हनन एवं श्रमिकों के हित में बने कानूनों की बेबाक समीक्षा की। श्रमिक नेताओं ने श्रमिकों के हित के लिए अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ने प्रतिबद्धता जाहिर की। संस्था अध्यक्ष विनोद तिवारी एवं कार्यक्रम के संपर्क सूत्र धार कल्याण केसरवानी ने अपने उद्बोधन में श्रमिकों के हित में संघर्ष कर रहे श्रमिकों के चर्चित नेताओं एवं साहित्यकारों का स्वागत व्यक्त किया ।रायपुर के वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज ने मजदूरों को चलते-फिरते विश्वकर्मा की संज्ञा देते हुए श्रमिकों को राष्ट्र के विकास की मुख्य रीढ बतलाया। श्रमिकों के शोषण एवं उनके मौलिक अधिकारों देश के संरक्षण में उनके विशिष्ट योगदान पर स्थानीय एवं छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के साहित्यकारों ने अपनी प्रतिनिधि एवं विशिष्ट रचना के माध्यम से श्रमिकों के राष्ट्रीय विकास में उनके योगदान पर चर्चा की ।जिसमें उषा सक्सेना (भोपाल) ,विनोद तिवारी, डॉ रश्मि ,पूनम दुबे ,आशा पांडे (अंबिकापुर )तारा पांडे (शिवपुर) ,वरिष्ठ साहित्यकार वीरेन्द्र श्रीवास्तव ,कल्याण केसरी ,अनिल केसरवानी गौरव अग्रवाल ,सतीश उपाध्याय ,रूद्र प्रसाद मिश्र (बैकुंठपुर) ,श्याम सुंदर पोद्दार एसएस निगम ,संतोष कुमार जैन, निशांत श्रीवास्तव ,विजय कुमार गुप्ता ,विद्याधर गर्ग, भगत सिंह ब्रिगेड के परमजीत सिंह जितेंद्र सिंह सोढ़ी )अंबिकापुर )ने श्रमिकों के राष्ट्रीय विकास में योगदान एवं उनकी सामाजिक भूमिका पर अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया एवं विचार व्यक्त किया ।कार्यक्रम का विधिवत संचालन साहित्यकार सतीश उपाध्याय ने किया।

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