मनेंद्रगढ़/ शासकीय विवेकानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ द्वारा कौशल विकास/रोज़गार मार्गदर्शन समिति एवं छात्र जीवनचक्र प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वाधान में , “तनाव प्रबंधन : प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता,रोज़गार एवं उद्यमिता विकास” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ. सरोजबाला श्याग विश्नोई के संयोजन मागदर्शन तथा श्री एल सी मनवानी, विभागाध्यक्ष रसायनशास्त्र एवं डाॅ. अरूणिमा दत्ता विभागाध्यक्ष प्राणीशास्त्र विभाग के सह-संयोजन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ. विश्नोई के द्वारा सरस्वती वंदना, स्वागत भाषण एवं विषय प्रवेश के साथ हुआ।कार्यक्रम में सुश्री दीपशिखा ठाकुर, सहायक प्राध्यापक स्कूल ऑफ़ बिज़नेस मैनेजमेंट शूलिनी विश्वविद्यालय, सोलन हिमाचल प्रदेश ने तनाव प्रबंधन विषय पर विस्तार से अपना वक्तव्य देते हुए कहा के कम तनाव विद्यार्थियों को गति प्रदान करता हैं लेकिन अधिक तनाव विविध प्रकार की बिमारियों एवं अपराध का जनक होता हैं । जब व्यक्ति के मन के अनुसार काम नहीं होता हैं तो उत्पन्न तनाव अवसाद का रूप ले लेता हैं। उन्होनें अपने वक्तव्य में तनाव प्रबंधन के बहुत सारी तकनीको के बारे में भी जानकारी दी। द्वितीय वक्ता डॉ. अनुराग सिंह चौहान विभागाध्यक्ष हिंदी वेदांता स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय रींगस जिला सीकर राजस्थान ने रोज़गार एवं उद्यमिता विकास विषय पर रोज़गार के व्यापक संभावनाओं पर छात्र-छात्राओं के मध्य विस्तार से विषय पर व्याख्यान दिया। अंतिम वक्ता के रूप में सम्मिलित सुश्री ललिता मेहर उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) बिलासपुर ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता विषय पर छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा की लक्ष्य निर्धारण कर समय प्रबंधन के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम और विषयवस्तु की तयारी करते हुए पूर्व वर्षो में पूछे गए प्रश्पत्रों को हल करना एवं संखिप्त की-नोट्स भी तैयार करना चाहिए । संगोष्ठी के अंत में कार्यक्रम प्रतिवेदन डाॅ. अरूणिमा दत्ता द्वारा प्रस्तुत किया गया एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री सुशील कुमार तिवारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ विश्नोई द्वारा किया गया। अवनीश गुप्ता एवं अंकिता चटर्जी ने यूट्यूब लाइव एवं टेक्निकल कार्य को संभाला। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर के उपरान्त कार्यक्रम संयोजक डाॅ. विश्नोई द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन की घोषणा की गयी।

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