शुदधु लाल वर्मा अंबिकापुर.! लॉकडाउन-3 की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में लोगों के लिए नियम तय किए हैं, इसका कड़ाई से पालन करना जरूरी है। अभी तक हमारा जिला सुरक्षित है, ग्रीन जोन में है। आगे भी ऐसी ही सावधानी बरतनी होगी। हम ये नहीं कह रहे कि आने वाले समय में परिस्थितियां बदल नहीं सकती।
ग्रीन जोन में हैं तो बिल्कुल ही छूट मिल गई है, यह नहीं सोचना है। जिले के भीतर ही सिटी बसें चलेंगीं लेकिन सशर्त। मास्क अनिवार्य रूप से पहने, इसे जीवन का हिस्सा बना लें। हमने शुरु से ही लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराया। लॉकडाउन तोडऩे वालों के लिए कड़े दंड के भी प्रावधान हैं। ये बातें सरगुजा कलक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने कही।
कलक्टर ने कहा कि लॉकडाउन-3 में शासन से शाम 7 बजे तक आवश्यक सेवाओं की दुकानें व प्रतिष्ठान खोलने के निर्देश मिले हैं। शाम 7 बजे के बाद बहुत ही इमरजेंसी काम के लिए ही बाहर निकल सकेंगेे, इसके अलावा कोई दूसरा कारण है तो बाहर नहीं निकल सकेंगे। ये स्ट्रेटेजी हमारी पहले सफल रही है, इसी को और आगे बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर अनुचित लाभ लेने की कोशिश न करें, जिसके आप हकदार नहीं हैं।

छोटी-मोटी बीमारी में भी रेफर कराकर यहां न आएं। ऐसे में सीधे-सीधे एफआईआर का प्रावधान है तथा कड़ी सजा भी है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन सरकार ने आपलोगों के लिए ही किया है। इससे खुद का, परिवार का, जिले का व देश का फायदा है।
कलक्टर डॉ. मित्तर ने कहा कि लॉकडाउन-3 में भी मॉल्स, मार्केट, मार्केट कॉम्पलेक्सेस, जिम, ब्यूटी पार्लर, सैलून, ज्वेलरी, रेस्टोरेंट, स्वीमिंग पुल बंद रहेंगे।
कलक्टर ने बताया कि अब जिले के भीतर ही सिटी बसें चलेंगीं लेकिन शर्त के साथ। इन बसों में 50 प्रतिशत लोग ही बैठाए जा सकेंगे। ऑटो रिक्शा, टैक्सी व अन्य चारपहिया वाहन में ड्राइवर के अलावा पीछे की सीट पर एक ही व्यक्ति बैठ सकेगा, जबकि टू-व्हीलर में सिर्फ एक ही व्यक्ति बैठेगा।

इन सबकी मॉनीटरिंग पुलिस व आरटीओ विभाग द्वारा की जाएगी। यदि सिटी बस द्वारा इस नियम का उल्लंघन किया जाता है तो ड्राइवर के अलावा सीधे बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कलक्टर ने बताया कि साइंटिफिकली व मेडिकली यह उपाय बताया गया है। मजदूर यदि दूसरे राज्यों या जिले से आते हैं तो उन्हें डायरेक्ट किसी से नहीं मिलने दिया जाएगा। उन सब को अनिवार्य रूप से क्वारेंटाइन में जाना पड़ेगा। इसके लिए हर ग्राम पंचायतों के बाहर भवन का चयन कर चुके हैं। कोई आता है तो कोटवार व पंचायत के लोग जानकारी इकट्ठा कर उन्हें क्वारेंटाइन करेंगे। 14 दिन बाद ही वह घर वापस जा सकता है।

इसके बाद भी उसमें कोरोना से संबंधित कोई लक्षण दिखते हैं तो पंचायत के लोगों को इसकी सूचना एसडीएम को देनी होगी, वे ही आगे की कार्रवाई करेंगे। कलक्टर ने कहा कि शहर या ग्रामीण क्षेत्र में कोई बाहर से आता है तो आप भी ऐसे लोगों की जानकारी दें, आपके सहयोग से ही सब संभव है!
कलक्टर ने कहा कि कोरोना को लेकर सोशल मीडिया में फैलाए जा रहे अफवाहों से सावधान रहें, जब तक प्रूव्ड न हो तब तक उसे झूठ ही मानें। किसी भी खबर की पुष्टि करने के लिए हमलोग बैठे हैं। ऑफिसियल कम्यूनिकेशन पर ही भरोसा करें। अफवाह फैलाने वाले के खिलाफ दंड के प्रावधान इस कोरोना काल में है।

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