लखनपुर दिनेश बारी- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आह्वान पर आज लखनपुर के ग्राम पुहपुटरा जयपुर में रोका/छेका योजना का हुआ शुभारंभ। गांव में फसलों को बचाने के लिए राज्य सरकार ने रोका/छेका योजना के तहत खुले में घूमने वाले पशुओं को गोठान में रखने के निर्देश दिए हैं। आदेश के तहत सरगुजा जिले के लखनपुर में 19 जून को पुहपुटरा, जयपुर में रोका/छेका कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्य अतिथि लखनपुर जनपद उपाध्यक्ष अमित सिंह देव,जनपद अध्यक्ष मोनिका पैकरा लखनपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कृपाशंकर गुप्ता, सिरकोतनगा उपसरपंच सतेंद्र राय, चौपाल डायरेक्टर गंगा राम पैकरा, आइटी सेल लोकसभा सचिव मकसूद हुसैन, गौठान समिति अध्यक्ष नरेश, मोहरलाल उपस्थित हुए।

जनपद उपाध्यक्ष अमित सिंह देव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि गौठान को आगे बढ़ाने के लिए गठित समिति के सदस्य सभी ग्रामीणजन उत्साह से जुटे दिख रहे हैं, रोका छेका की रस्म मनाने के लिए आप लोग इतने मेहनत से काम कर रहे हैं यह बहुत खुशी की बात है। रोका छेका हमारी ग्रामीण संस्कृति की महतवपूर्ण परंपरा है इस परंपरा को निभाने के लिए आप लोगो के द्वारा जो यत्न किया गया, आप लोग जो इतने उत्साह से जुडे़ हुए हैं यह देख कर अच्छा लग रहा है।

गौठान में विविध आयोजनों के जरिए कृषि छेत्र की योजनाओं से किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। अमित सिंह देव ने खुली चराई से खेती को होने वाले नुकसान को रोकने परंपरागत रोका छेका प्रथा पर गंभीरता से अमल करने की अपील की है, उन्होंने कहा कि इससे पूरे वर्ष भर खेती संभव होगी और बहुफसली छेत्र का विस्तार होगा। खेतों , और उद्यानों की सुरक्षा के साथ साथ पशुधन भी सुरक्षित रहेगा इसमें नरवा , गरवा घुरवा, बारी, योजना के तहत गांव गांव में स्थापित गौठान महत्वूर्ण भूमिका निभाएंगे। खेती के लिए जैविक खाद उपलब्ध कराने के साथ ही गौठान ग्रामीणों के लिए आजीविका केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के आहवान पर पूरे प्रदेश में 19 जून से 30 जून तक रोका छेका अभियान प्रारंभ किया है। इस दौरान जनपद उपाध्यक्ष अमित सिंह देव ने सभी गांव वाले को गौठान का देख रेख और गांव के सभी पशुओं को गौठान में ही रखने की सामूहिक सपथ दिलाई।

कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्रीमती मोनिका सिंह पैकरा ब्लॉक अध्यक्ष कृपाशंकर गुप्ता और गंगा राम पैकरा ने भी ग्रामीणों को संबोधित किया। वहा किसानों को निशुल्क बीज वितरण एवं स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने स्टाल लगाकर हाथों से बने साड़ी और गोबर से बने अगरबत्ती, गमला, और अपने हाथों से बनाये गए साबुन और सर्फ भी जनप्रतिनिधियों और पद्दधिकारियो को दिखाया, इस दौरान जनप्रतिनिधि सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।

Categorized in: