रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पचावल में रेत उत्खनन को लेकर ठेकेदार एवं ग्रामीणों के बीच संघर्ष की स्थिति निर्मित हो रही है बुधवार की देर शाम ग्रामीणों के द्वारा गांव के पांगन नदी से हो रहे रेत उत्खनन को अवैध रूप से उत्खनन किए जाने एवं प्रस्तावित खसरा नक्शा से अन्य स्थान पर उत्खनन किए जाने का आरोप लगाते हुए उत्खनन में प्रयुक्त तीन पोकलेन मशीन को बंद करवा पंचनामा तैयार कर गांव में ही खड़ा करवा दिया गया। सूचना पर देर रात सनावल थाना प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा गांव में रेत उत्खनन को लेकर अभी भी तनाव की स्थिति निर्मित है।

गौरतलब है कि पांगन नदी रेत खदान की नीलामी के बाद से प्रतिदिन बड़ी संख्या में पांगन नदी से रेत उत्तर प्रदेश जा रही है। इस बीच ग्राम पंचायत पचावल के रेत खदान जहां से ठेकेदार के द्वारा पोकलेन मशीन से रेत उत्खनन कराया जा रहा है वहां ग्रामीणों ने प्रस्तावित नक्शा खसरा वाले स्थान में उत्खनन न करा कर अन्यत्र स्थान पर उत्खनन कराए जाने का आरोप लगाया है वहीं बुधवार की देर शाम बड़ी संख्या में ग्रामीण रेत उत्खनन हो रहे बूढ़ीरी महुआ दोमुहान  पहुंचे जहां पर तीन पोकलेन मशीन के द्वारा रेत उत्खनन किया जा रहा था जिसे ग्रामीणों ने रुकवाया एवं पोकलेन मशीन को भदराखाड रामचरण के घर के समीप खड़ा करवा दिया जिसके बाद से अभी भी तीनों पोकलेन मशीन वहीं पर खड़ी है। रेत उत्खनन रुकवाए जाने की सूचना पर थाना प्रभारी सनावल अमित बघेल सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा था।

इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी कुमार मंडावी के मोबाइल नंबर 9406150 544 पर उनका पक्ष जानने के लिए कई बार कॉल किया गया परंतु उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया।

इस संबंध में एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने कहा कि इस संबंध में खनिज विभाग को निर्देशित किया जा चुका है खनिज विभाग मामले की जांच कर रहे है।
 

सनावल थाना प्रभारी अमित बघेल ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा तीन पोकलेन मशीन को ऑपरेटर समेत रेत उत्खनन की स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाए जा रहा था हम लोग मौके पर पहुंचे एवं पोकलेन के ऑपरेटरों को सुरक्षित ग्रामीणों के बीच से निकाला वही ग्रामीणों के आरोप के बाद खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग को इसकी सूचना दे दी गई।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रामचंद्रपुर के महामंत्री नंदलाल सिंह ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित खसरा नक्शा से अन्य स्थान पर रेत उत्खनन कराया जा रहा है वही रेत उत्खनन के लिए छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है साथ ही साथ उत्खनन के पश्चात सभी गाड़ियां उत्तर प्रदेश जंगल के रास्ते जा रहे हैं जिससे जंगल को भी नुकसान पहुंच रहा है।

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