मिशन चौक स्थित रिंग रोड किनारे रहने वाले लोगों के घरों में घुस रहा था पानी, कंपनी ने काम किया शुरू
अंबिकापुर. १०० करोड़ की लागत से पिछले वर्ष रिंग रोड का निर्माण सीजीआरडीसी कंपनी द्वारा कराया गया था। सडक़ का निर्माण व ड्रेनेज सिस्टम सही नहीं होने के कारण इसका खामियाजा सडक़ किनारे रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। मिशन चौक स्थित रिंग रोड के किनारे रहने वाले लोगों के घरों में पानी घुस रहा था। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत कई बार नगर निगम व निर्माण कंपनी को करने के बाद भी कोई पहल नहीं किया जा रहा था। समस्या को देखते हुए महापौर डॉ. अजय तिर्की, एमआईसी सदस्य, कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत कई पदाधिकारी धरने पर बैठ गए। उन्होंने रिंग रोड पर बने ड्रेनेज सिस्टम को लेकर फिर आपत्ति जताई। सूचना मिलते ही एसडीएम मौके पर पहुंचे तो महापौर ने उन्हें सीजीआरडीसी के ठेकेदार पर कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। वहीं कुछ ही देर में रिंग रोड पर नालियों की तोडफ़ोड़ शुरु कर दी गई।
गौरतलब है कि शहर के 11 किमी रिंग रोड निर्माण का जि मा छत्तीसगढ़ सडक़ विकास निगम (सीजीआरडीसी) को दिया गया था। सीजीआरडीसी के ठेकेदार द्वारा सडक़ का निर्माण तो कराया गया लेकिन अमानक स्तर का ड्रेनेज बना दिया गया। इसका खामियाजा रिंग रोड किनारे रहने वाले लोगों को उठाना पड़ रहा है। बारिश होने पर घरों में पानी घुस जाता है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं रिंग रोड में भी पानी भर जाता है और तालाब की स्थिति निर्मित हो जाती है। लोगों ने मामले की शिकायत महापौर से की। इसके बाद सोमवार को महापौर डॉ. अजय तिर्की, एमआईसी सदस्य शफी अहमद, द्वितेंद्र मिश्रा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, जेपी श्रीवास्तव, प्रमोद चौधरी समेत अन्य कांग्रेसी नेता सोमवार को मिशन चौक पहुंचे। इसके बाद रिंग रोड पर बने ड्रेनेज सिस्टम का विरोध करते हुए सभी धरने पर बैठ गए। धरने में भाजपा पार्षद आलोक दुबे भी शामिल हुए। इसकी सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई। फिर वहां एसडीएम पहुंचे तो नाली निर्माण कराने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई तथा फिर से नाली निर्माण कराने को लेकर ज्ञापन सौंपा।

इससे पूर्व भी कंपनी को दी गई थी जानकारी
धरने पर बैठे महापौर डॉ. अजय तिर्की ने कहा कि लोगों ने समस्या की जानकारी दी थी। जानकारी मिलने पर निर्माण कंपनी को कई बार दिया गया था। इसके बावजूद भी नहीं सुनवाई किया जा रहा था। जब इसका निर्माण किया जा रहा था उस समय भी मोहल्लेवासियों द्वारा विरोध किया गया था। ड्रेनेज सिस्टम को लेकर उनके द्वारा खुद सीजीआरडीसी को दो-तीन बार पत्र लिखा जा चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद दबाव बनाने यहां आना पड़ा। महापौर समेत अन्य कांग्रेसी नेताओं द्वारा एसडीएम को दिए गए ज्ञापन के बाद संबंधित द्वारा रिंग रोड पर बनी नालियों की तोडफ़ोड़ शुरु कराई गई। बताया जा रहा है कि नाली को तोडक़र उक्त स्थान पर फिर से नाली का निर्माण कराया जाएगा। इस दौरान काफी सं या में मोहल्लेवासी भी मौजूद रहे।

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