पूरे देश में जल्द ही केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस करेगी सत्याग्रह

मनेंद्रगढ़ (एमसीबी)  :  राहुल गांधी के साथ लोकसभा से सदस्यता रद्द कराने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने अलोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत लोकतंत्र की बड़ी हत्या की साजिश रची है जिसका कांग्रेस विरोध करती है आने वाले समय में जल्द ही पूरे देश में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ बड़ा सत्याग्रह किया जाएगा । उक्त बातें मनेंद्रगढ़ विधानसभा के राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त विधायक डॉक्टर विनय जायसवाल ने गुरुवार को मनेंद्रगढ़ के रेस्ट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहीं । मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राहुल गांधी के इस लड़ाई में पूरी कांग्रेस पार्टी साथ में खड़ी है जिस लड़ाई को लड़ने के लिए राहुल गांधी ने प्रतिज्ञा ली है उसके लिए बड़ा सत्याग्रह देश में जल्द होने वाला है । मनेंद्रगढ़ विधानसभा में भी कांग्रेस पार्टी सत्याग्रह करने वाली है । मनेंद्रगढ़ विधायक डॉक्टर विनय जयसवाल ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में आज आम आदमी की आवाज उठाना, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना गुनाह हो गया है। देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष 4 बार के सांसद राहुल गांधी जब संसद के अंदर बात करते है तो उनको बोलने नहीं दिया जाता, उनका माइक बंद कर दिया जाता है, सत्तारूढ़ दल के सांसद बहुमत के अतिवादी चरित्र का प्रदर्शन करते हुये संसद की कार्यवाही नहीं चलने देते है। केंद्रीय मंत्री अपने पद की गरिमा को तार-तार करते हुये अनर्गल बयाबाजी करते है और जब इन सबसे भी राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और विपक्ष की आवाज को नहीं दबा पाते तो एक और षड़यंत्र रचा जाता है।अडानी की शेल कंपनियों में ₹20,000 करोड़ है यह पैसा कहां से आया? किसका काला धन है? ये किसकी शेल कंपनियां हैं? ये कंपनियां डिफेंस फील्ड में काम कर रही हैं। कोई क्यों नहीं जानता? यह किसका पैसा है? विधायक श्री जायसवाल ने कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार एक सत्तारूढ़ पार्टी – भाजपा संसद को बाधित कर रही थी और इसे काम नहीं करने दे रही है। यह अडानी को बचाने के लिए एक ध्यान भटकाने की साजिश है। जबकि संयुक्त विपक्ष इस पर संयुक्त संसदीय समिति चाहता है। विधायक विनय जायसवाल ने कहा कि 13 अप्रैल 2019 को कर्नाटक के कोलार में चुनावी भाषण देते हैं राहुल गांधी 16 अप्रैल 2019 बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने गुजरात के सूरत में शिकायत दर्ज कराई।  7 मार्च 2022 शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत पर गुजरात उच्च न्यायालय से रोक लगाने की मांग की; हाई कोर्ट ने रोक लगा दी। 7 फरवरी 2023 श्री राहुल गांधी ने लोकसभा में अडानी और पीएम मोदी के रिश्तों पर सवाल उठाते हुए भाषण दिया । 16 फरवरी 2023 शिकायतकर्ता ने गुजरात उच्च न्यायालय में स्टे के अपने अनुरोध को वापस ले लिया। 27 फरवरी 2023 निचली अदालत में सुनवाई फिर से शुरू। 23 मार्च 2023 ट्रायल कोर्ट ने राहुल गांधी को दोषी ठहराया और अधिकतम 2 साल की सजा सुनाई। 24 मार्च 2023 लोकसभा सचिवालय ने 24 घंटे के भीतर राहुल गांधी जी की संसद सदस्यता रद्द कर दी। हम न्यायिक प्रक्रिया पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। आगे हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने के तीन दिन के अंदर लोकसभा के गृह समिति ने राहुल गांधी को मकान खाली करने के लिये 30 दिन का नोटिस दे दिया। यह सारी कार्यवाही यह बताने के लिये पर्याप्त है कि इस देश में तानाशाही और असहिष्णु सरकार चल रही है । सूरत, गुजरात में एक निचली अदालत के फैसले के 24 घंटे के भीतर- भाजपा ने श्री गांधी को लोकसभा में उनकी सदस्यता को रद्द करने के लिए “बिजली की गति“ से काम किया, भले ही अदालत ने उन्हें उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए 30 दिन का समय दिया था!  भाजपा इतना  राहुल गांधी से  डरती क्यों है ? भाजपा की ओबीसी समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाने की घटिया चाल स्पष्ट हताशा साबित हुई है। सबसे पहले राहुल गांधी द्वारा दिया गया बयान यह पूछ रहा था कि कुछ चोरों का एक ही उपनाम (नीरव मोदी, ललित मोदी और नरेंद्र मोदी) क्यों है – उन्होंने ऐसा नहीं कहा है कि “सारे मोदी चोर हैं“ ! उन्होंने  किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाया। दूसरा, न तो नीरव मोदी और न ही ललित मोदी ओबीसी है। और उनकी जाति जो भी हो, क्या उन्होंने धोखाधड़ी नहीं की? भाजपा धोखेबाजों और भगोड़ों को क्यों बचा रही है?  कांग्रेस पार्टी में 2 ओबीसी मुख्यमंत्री हैं। इससे साबित होता है कि कांग्रेस उनके योगदान को महत्व देती है।आपराधिक मानहानि के लिए अधिकतम दो साल की सजा आज तक किसी को नहीं मिली है । कांग्रेस ने अंग्रेजों के खिलाफ जीत हासिल की। अब मोदी सरकार चोरों और घोटालेबाजों का पर्दाफाश करने के लिए श्री राहुल गांधी पर निशाना साध रही है।  कांग्रेस लड़ेगी, फिर जीतेगी।यह प्रहार सिर्फ राहुल गांधी पर नहीं यह आक्रमण देश के समूचे विपक्ष पर यह देश की 135 करोड़ जनता को धमकाने की साजिश है। राहुल गांधी विपक्ष के सबसे प्रभावशाली नेता है। जब उनकी सदस्यता रद्द कर सकते है उनकी आवाज दबा सकते है तब आम आदमी की क्या बिसात? यह भारत के प्रजातंत्र में तानाशाही की शुरुआत है कांग्रेस इससे डरने वाली नहीं।

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