कहा-सहायक को भी मिले कलेक्टर दर पर मजदूरी, मांग पत्र के  
मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम मांग पत्र भेज


अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक विक्रेता कल्याण संघ के बैनर तले राशन दुकान में ताला लटका संचालक धरना-प्रदर्शन करने में लगे हैं। ऐसे में उचित मूल्य दुकानों का चक्कर काटकर उपभोक्ताओं को वापस लौटना पड़ रहा है। इनके द्वारा दुकान के बाहर एक पर्चा चस्पा कर दिया गया है, जिससे दुकान तक पहुंचने के बाद ही वे वाकिफ हो रहे हैं। उचित मूल्य दुकान के संचालकों की प्रमुख मांग में आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए 30 हजार रुपये मानदेय है। इनका कहना है कि उन्हें कमीशन की राशि भी हर माह नहीं मिल पाती है, जिससे उन्हें कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वे छह सूत्रीय मांगों को लेकर शहर के गांधी चौक में स्थित डाटा सेंटर के सामने तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण कराया है।  वहीं प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन पत्र में खाद्य सुरक्षा में योगदान दे रहे राशन विक्रेताओं के आर्थिक सुरक्षा हेतु मासिक निश्चित आय की स्वीकृति और वल्र्ड फुड प्रोग्राम के आधार पर कमीशन में वृद्धि करने की मांग की गई है।
उचित मूल्य दुकान संचालकों का कहना है कि सभी राशन विक्रेताओं के लिए 30 हजार रुपये मानदेय सुनिश्चित करने या 300 रुपये प्रति क्विंटल सभी मदों में प्रदाय करने से आर्थिक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा सहयोगी तौलक को कलेक्टर दर से मजदूरी भुगतान करने की पहल होनी चाहिए, ताकि वे भी आर्थिक समस्या से मुक्त हो सकें। दुकान संचालकों ने जो उचित मूल्य दुकान भवन विहीन हैं और किराए की दुकानों में संचालित हैं, उसका किराया शासन की ओर से भुगतान करने का आग्रह किया गया है। इनका कहना है कि कमीशन की राशि प्रतिमाह नहीं मिलना भी आर्थिक दिक्कतों का बड़ा कारण है। उमूदु के संचालकों ने बताया कि नवंबर 2022 में बिना पूर्व सूचना के भौतिक सत्यापन किए बगैर छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न की कटौती कर दी गई, जो न्याय संगत नहीं है। वर्ष 2016-17 में वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए टेबलेट के माध्यम से वितरण व्यवस्था लागू की गई लेकिन उन्हें किसी प्रकार का प्रशिक्षण नहीं दिया गया। ऐसे में विक्रेताओं को वितरण व्यवस्था में तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा। सर्वर की समस्या आड़े आने पर ऑफलाइन वितरण कराया गया, जो नेटवर्क के अभाव में टेबलेट में अपलोड नहीं हो पाया। वस्तुस्थिति के अनुसार मैनुअल वितरण कराया गया, टेबलेट में शेष स्कंध दिखाई दे रहा है। कहा गया है अन्य योजनाओं की सामग्री एंट्री नहीं होने व पूर्व संचालक एजेंसी द्वारा खाद्यान्नों की सुपुर्दगी नहीं करने से वर्तमान में शेष स्कंध का प्रदर्शित होना दर्शाता है। इनकी मांग है कि माह फरवरी 2022 के पूर्व शेष स्कंध को शून्य घोषित किया जाए, जब से ई-पॉश चालू हुआ है, तब से बचत स्टॉक का किश्तों में समायोजन करने की व्यवस्था कराई जाए। मांगों के पूरा नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन में जाने की चेतावनी दी गई है।
ई-पॉस से कांटा कनेक्टिविटी करें
ई-पॉस मशीन से कांटा कनेक्टिविटी को पूरी तरह से बंद करने कहा गया है। बताया गया है कि सर्वर बंद होने के कारण हितग्राहियों और विक्रेताओं में विवाद की स्थिति बनती है। एक राशन कार्ड में चार बार एंट्री व तौल करने में 15 से 20 मिनट का समय कांटा कनेक्टिविटी के बाद से लग रहा है और सर्वर की समस्या बढ़ गई है। कहा गया है कि एक ही फिंगर से खाद्यान सामग्रियों की ई-पॉस मशीन में पुष्टि की जाए, ताकि वितरण व्यवस्था सुचारू हो।
अप्राप्त राशि का कराएं भुगतान
उचित मूल्य दुकान के संचालकों ने कहा है कि प्रदेश के सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों की मार्जिन कमीशन राशि वित्तीय पोषण की राशि वर्ष 2018, 2019, 2020 की बारदाना राशि अप्राप्त है। भारत सरकार द्वारा एनएफएसए मद में माह अप्रैल 2022 से 70 रुपये से बढ़ा कर 90 रुपये प्रति क्विंटल की गई है। कहा गया है कि 20 रुपये शेष राशि सहित सभी मदों की राशि को राज्य सरकार अविलंब भुगतान करवाए। नागरिक आपूर्ति निगम भी तत्संबंध में जानकारी देने में असमर्थता व्यक्त कर रहा है।
संचालक के खाते में करें कमीशन का अंतरण
शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक, विक्रेताओं के बैंक खाते में सभी प्रकार की कमीशन राशि संचालनालय रायपुर से सीधा प्रदाय किया जाए। खाद्य नागरिक अपूर्ति निगम या अनुसंस्था विभाग के माध्यम से देने पर चार से छह माह का समय लग जाता है, इसकी जानकारी देने में भी संबंधित विभाग असमर्थता जताते हैं। आज तक प्रदेश के उचित मूल्य दुकान संचालकों को पूरा राशि नहीं मिल पाया है ।
तीन प्रतिशत करें सुखद भंडारण
नागरिक अपूर्ति निगम के द्वारा शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में खाद्यान्न भंडारण किया जाता है, इसमें तीन प्रतिशत अतिरिक्त सुखत के रूप में प्रति क्विंटल भंडारण करने दुकान संचालकों ने कहा है, जिससे कमी को पूरा किया जा सके।  

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