मामला शासकीय भूमि में कब्जे का, एसडीएम के स्थगनादेश के बाद भी तोड़ा मकान…

बैकुंठपुर/ कोरिया जिले में एक हतप्रभ कर देने वाली घटना सामने आई है। कुछ दबंगों की दबंगई ने यहां एक परिवार का आशियाना ही छीन लिया। सैकड़ो की भीड़ के बीच ये दबंग बेख़ौफ़ होकर वर्षों से बने घर को ढहा ये साबित कर दिया कि यहां कानून नाम की कोई चीज ही नही है। मामला खड़गवां विकासखंड के ग्राम जिल्दा का है, जहाँ गांव के ही कुछ लोग नियम कानून को ताक में रखकर एक परिवार के घर को जबरन तोड़ दिया।

जानकारी अनुसार बीते दिवस जिल्दा में रहने वाले नवल साय शासकीय भूमि पर करीब 15 साल पुराने बने मकान में परिवार समेत रहते है। घटना 5 दिसंबर दोपहर 3 बजे की है,जब नवल साय का परिवार घर मे मौजूद थे। तभी गांव के कुछ लोग गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देते हुए घर के अंदर घुसकर मारपीट करते हुए घर को तोड़ दिया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने थाने पहुंच मामले में नामजद एफआईआर दर्ज कराई जिसमे पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 147, 294, 323, 427, 452, 506 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लेकर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

यह है मामला…

जानकारी के अनुसार तहसील कार्यालय पोड़ी के प्रकरण क्रमांक 202111012600008/22/बी-121/2021-22 में दर्ज है। जिसमें ग्रामीण सागर सिंह व अन्य 29 ग्राम जिल्दा व नवल साय जिल्दा निवासी के बीच मामला चल रहा है। मामले की सुनवाई कर तहसीलदार ने 25 दिसंबर को नवल साय को नोटिस जारी कर खसरा नंबर 285 रकबा 0.66 हेक्टेयर में से 9 मीटर चौड़ाई और 19 मीटर लंबाई, जो बड़े झाड़ के जंगल मद में मकान बनाने को लेकर एक हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है। वहीं बेदखल करने आदेश पारित हुआ है। मामले में 5 दिसंबर के पहले अतिक्रमण हटाने और जुर्माना राशि जमा करने नोटिस जारी हुआ था। मामले में ग्रामीण नवल सिंह ने एसडीएम बैकुंठपुर न्यायालय में अधिवक्ता के माध्यम से अपील लगाई थी। जिसकी सुनवाई कर तहसील से पारित बेदखली कार्रवाई पर रोक लगाई गई थी। वहीं दूसरे पक्ष के ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी के स्थगन आदेश को न मानते हुए और बिना किसी प्रशासनिक अधिकारी के मौजूदगी के ही बलपूर्वक नवल साय के परिवार के साथ मारपीट करते हुए घर को ढहा दिया।

कड़ाके की ठंड में बेघर हुआ परिवार, रसूखदारों पर कब होगी कार्रवाई…

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पोड़ी बचरा तहसील अंतर्गत ग्राम जिल्दा में जिन दबंगों ने इस कड़ाके की ठंड में नवल साय के परिवार को बेघर किया है। उन्ही दबंगो में शामिल कुछ और भी लोग है जिन्होने शासकीय भूमि में कब्जा कर वर्षो से रह रहे है। लेकिन ऊँची पहुँच और रसूखदार होने के कारण उन पर राजस्व के अधिकारी अब तक मेहरबान है और कार्रवाई करने से बचते रहे है।

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