गेज नर्सरी और शिवपुर चरचा में स्थित  कृष्ण कुंज में लगे पौधे बने आकर्षण का केंद्र… 

बैकुंठपुर / पौधरोपण को जन-जन से जोड़ने, अपने सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उन्हें विशिष्ट पहचान देने के लिए प्रदेश के समस्त नगरी निकायों में ‘कृष्ण-कुंज’ की स्थापना की गई है। कृष्ण कुंज बनाने के पीछे सरकार की मंशा यह थी कि विगत वर्षों में शहरीकरण की वजह से हो रही अंधाधुंध पेड़ों की कटाई से इन पेड़ों का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है,जिससे आने वाली पीढ़ियों को इन पेड़ों के महत्व से जोड़ने के लिए ‘कृष्ण-कुंज’ की पहल की गई थी।इसी कड़ी में कोरिया जिले के बैकुंठपुर वन मंडल में ज़िला मुख्यालय के गेज नर्सरी और शिवपुर चरचा में बने कृष्ण कुंज में लगे पौधे अब लोगो को आकर्षित करने लगे है।

उल्लेखनीय है कि बैकुंठपुर और शिवपुर-चरचा में स्थित कृष्ण कुंज जहां एक एक एकड़ क्षेत्र में धार्मिक,औषधीय व फलदायी को मिलाकर 16 किस्म के 450 पौधे प्रति कृष्ण कुंज  रोपित किये गए है। कृष्ण कुंज में लगे पौधों की नियमित देखरेख व पानी की सिंचाई होने से महज 4 महीने में ही पौधे पहले की अपेक्षा अब काफी बड़े हो चुके हैं।यही नही शिवपुर चरचा के कृष्ण कुंज में लगे बेर के छोटे से पौधे में तो फल लगने भी शुरू हो गए है। वही कई फलदार पौधों के अलावे मनुष्य के दैनिक जीवन मे उपयोग आने वाले पौधों और ओषधीय गुणों के पौधे कृष्ण कुंज में लगे होने से लोगों को जरूरत पड़ने पर भविष्य में आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

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कृष्ण कुंज में रोपित पौधे पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण के साथ जैव विविधता और इकोसिस्टम के लिए भी अहम हैं। जहां एक तरफ प्राकृतिक औषधि के रूप में नीम को सर्वाेत्तम माना गया है, तो वहीं बरगद को ऑक्सीजन का खजाना भी कहा जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार पीपल के वृक्ष पर सभी देवी-देवताओं का वास होता है, यानी कि यह कई गुणों से भरपूर है। लेकिन शहरीकरण के दौर में हमारे यह सांस्कृतिक धरोहर कहीं खोते जा रहे हैं। शहरों में पेड़-पौधों को बचाने, बेहतर इकोसिस्टम को विकसित करने और सांस्कृतिक महत्व के इन पेड़ों को फिर से गुलज़ार करने की मुहिम छत्तीसगढ़ में कृष्ण कुंज के माध्यम से शुरू की गई है।

वॉल पेंटिंग से लोग हो रहे आकर्षित…

नगरी निकाय क्षेत्र शिवपुर चरचा के ग्राम सरडी बांधपारा में स्थित कृष्ण कुंज जहां बने बाउंड्रीवाल में पेंटिंग लोगों को आकर्षित कर रहा है। वाल पेंटिंग में भगवान श्री कृष्ण के अलग अलग मुद्रा में बनाई गई तश्वीरें लोगों के मन मोह रहा है। चूंकि शिवपुर चरचा कोल माइंस का क्षेत्र है जहाँ कालोनीवासी अधिकतर सुबह शाम वॉक करते हैं। ऐसे में कालोनी के नजदीक बने कृष्ण कुंज में लगे बहुतयात आक्सीजन वाले वृक्षों से उन्हें शुद्ध हवा मिलेगी वहीं आने वाले कुछ समय बाद वे फलदायी वृक्ष के फलों का भी लुफ्त उठा सकेंगे।

इस सम्बंध में अखिलेश मिश्रा

उप वनमंडलाधिकारी (दक्षिण) कोरिया वनमण्डल बैकुंठपुर ने बताया कि कृष्ण कुंज बनाने के पीछे सरकार की जो मंशा है उसके अनुरूप कोरिया वन मण्डल में भी कृष्ण कुंज का स्थापना कर धार्मिक, औषधिय व फलदार पौधें रोपित किये गए है। रोपित किये गये पौधों की नियमित देखरेख और पानी सिंचाई किया जा रहा है। ताकि शत प्रतिशत पौधे तैयार हो पाए,जिससे इसका लाभ लोगों को मिल सके।

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