रायपुर, 08 अक्टूबर 2020/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से समता कॉलोनी रायपुर में लाइफ बर्थ डायग्नोस्टिक्स मालीकुलर एण्ड वायरोलॉजी लैब का ई-शुभारंभ किया। लाइफ बर्थ हॉस्टिपल द्वारा संचालित इस लैब में गंभीर बीमारियों से संबंधित विशेषकर कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध है। इस अत्याधुनिक लैब के माध्यम से मरीजों को उनकी टेस्ट रिपोर्ट वायरललोड़ की जानकारी सहित 24 घंटे के भीतर उपलब्ध हो सकेगी। 
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर कहा कि लाइफ बर्थ हॉस्पिटल के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अच्छी सुविधा मरीजों को मिलेगी। वायरोलॉजी लैब समय की जरूरत है। लाइफ बर्थ हॉस्पिटल के संचालक डॉ. जवाहर अग्रवाल, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. विक्रम सिंघल, डॉ. महिमा मित्तल और उनकी पूरी टीम को मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इसके लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में कोरोना पीडि़तों की जांच एवं इलाज की सुविधा में शासन के साथ लाइफ बर्थ हॉस्पिटल की भागीदारी सराहनीय कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोराना संक्रमित व्यक्ति की रिपोर्ट जितनी शीघ्रता से मिले, इलाज में उतनी ही सुविधा और मरीज के जल्दी स्वस्थ्य होने की उम्मीद होती है। 
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आगे कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में कोरोना संकट से निपटने के लिए हर प्रयास किए जा रहे हैं, इसकी रोकथाम के लिए राजधानी रायपुर सहित जिला एवं तहसील स्तर पर अधोसंरचना के निर्माण के साथ ही पीडि़तों के इलाज के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के शुरूआती दौर में मार्च 2020 की स्थिति में केवल एम्स रायपुर में ही कोविड टेस्टिंग की सुविधा थी। आज की स्थिति में राज्य के सभी छह शासकीय मेडिकल कॉलेज, चार निजी लैब में आरटीपीसीआर टेस्ट, 30 लैब में टू्र-नाट टेस्ट तथा 28 जिला अस्पतालों सहित सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रैपिड एंटीजन किट से कोरोना संक्रमण के टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कोरोना पीडि़तों के इलाज के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर लाइफ वर्थ हॉस्पिटल के डायरेक्टर जवाहर अग्रवाल ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि यह लैब कोविड-19 के संक्रमण का पता लगाने में  सबसे विश्वसनीय जाँच RT- PCR पद्धति से जाँच करेगी। वर्तमान में भारत सरकार व विश्व स्वास्थ्य संगठन कोरोना जांच के लिए RT-PCR पद्धति को ही श्रेष्ठ एवं सबसे विश्वसनीय जांच माना है।जहाँ एक तरफ कोरोना जाँच की बाकी पद्धतियां जैसे रैपिड एंटीजन टेस्ट में वायरस के छूट जाने की संभावना बनी रहती है और बहुत से मरीजों के रिपोर्ट निगेटिव बता दिया जाता है।RT-PCR पद्धति में इसकी संभावना ना के बराबर है वही इसमें गलती से भी पॉजिटिव आने की संभावना नहीं रहती। हमारे इस लैब में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है यह लैब LABL एवं ICMR से मान्यता प्राप्त है। वर्तमान में रायपुर नगर निगम क्षेत्र में यह पहली प्राइवेट RT-PCR लैब है, जिससे अब लोगों को शहर के भीतर ही यह सुविधा मिलेगी और अब तक जो संस्थाएं दिल्ली और मुंबई जांच के लिए भेजती थी उसमें 2 से 3 दिन लगते थे लेकिन अब उन्हें यह रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर ही मिल जाएगी।

Categorized in: