जरही/भटगांव। आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के मामले में भटगांव पुलिस ने एसईसीएल शिवानी खदान में माइनिंग सरदार के पद पर कार्यरत आरोपित संजीव चौधरी पिता बिरंजी प्रसाद चौधरी 32 वर्ष को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि 16 जुलाई 2022 की रात मोबाइल फोन से शक्तिनगर जरही निवासी संजीव चौधरी के घर में आग लगने की सूचना मिली थी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों की मदद से संजीव चौधरी की पत्नी बसंती चौधरी 32 वर्ष, पुत्र अनमोल 10 वर्ष एवं हिमांचल छह वर्ष को जले अवस्था में कमरे से निकालकर ईलाज के लिए एसईसीएल अस्पताल भटगांव में भर्ती कराया। डॉक्टर ने तीनों को बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर रेफर किया था, जिन्हें जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती कराया गया। ईलाज के दौरान बसंती चौधरी का 16 जुलाई को एवं दोनों पुत्रों का 17 जुलाई को मृत्यु हो गया। अंबिकापुर थाने से तीनों मृतकों का मर्ग डायरी प्राप्त होने पर भटगांव पुलिस ने जांच प्रारंभ किया। इधर महिला व उसके दोनों बच्चों की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने थाना प्रभारी भटगांव को मर्ग जांच करने के निर्देश दिए थे। एसडीओपी प्रतापपुर अमोलक सिंह के मार्गदर्शन में थाना भटगांव की पुलिस ने जांच के बिंदु निर्धारित किए। जांच में पुलिस ने पाया कि मृतिका बसंती का पति संजीव चौधरी मोबाइल से किसी अन्य महिला से बात करता था। मृतिका ने कई बार अपने पति को उक्त महिला से बात करने के लिए मना किया लेकिन वह नहीं माना। इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा, विवाद होता था। शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताडि़त करने से त्रस्त होकर वह अपने दोनों बच्चों के साथ घर में ज्वलनशील पदार्थ से आग लगा खुदकुशी कर ली थी। पुलिस ने आरोपित संजीव चौधरी के विरूद्ध धारा 306 भादसं का मामला पंजीबद्ध किया था। आरोपित संजीव चौधरी को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी भटगांव शरद चंद्रा, एसआइ बृजमोहन गुप्ता, प्रधान आरक्षक संजय चौहान, आरक्षक रजनीश पटेल, प्रहलाद पैकरा व शैलेश राजवाड़े सक्रिय रहे।

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