जटिल ऑपरेशन होने से अस्पताल में सीमावर्ती क्षेत्रों से भी पहुंच रहे पीडि़त
ओपीडी और आइपीडी में निरंतर बढ़ रही मरीजों की भीड़
अंबिकापुर। राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध अस्पताल में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के निर्देशानुसार सरगुजा संभाग के दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा अस्पताल प्रबंधन एवं डॉक्टरों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हैं। यही कारण है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। जटिल सर्जरी सहित अन्य सुविधाओं का लाभ एक छत के नीचे मिलने से दूर-दराज के क्षेत्रों से मरीजों को लेकर स्वजन पहुंच रहे हैं। दवाओं का निश्शुल्क लाभ रोजाना सैकड़ों मरीजों को मिल रहा है।
अस्पताल में उपचार कराने के लिए पहुंचने वाले मरीजों के आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां फरवरी माह में 210, मार्च में 291 एवं अप्रैल माह में 250 गायनिक सर्जरी की गई। सामान्य प्रसव फरवरी में 325, मार्च में 442, अप्रैल में 416 कराया गया। इसी प्रकार मेजर ओटी में फरवरी माह में कुल 182 सर्जरी की गई। इनमें सामान्य सर्जरी 61, आर्थो सर्जरी 57, ईएनटी विभाग में 19, डेंटल में 01 सर्जरी और आर्थो इंप्लांट 34 मरीजों का किया गया। माह मार्च में 210 सर्जरी हुई, जिनमें सामान्य सर्जरी 65, आर्थो सर्जरी 19, ईएनटी में 40 , डेंटल में 2 सर्जरी की गई व आर्थो इंप्लांट 38 का किया गया। अप्रैल माह में कुल 163 ऑपरेशन में सामान्य 52, आर्थो के 52, ईएनटी के 31, आर्थो इंप्लांट 22 मरीजों का किया गया। ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या फरवरी माह में 15 हजार 24, आइपीडी 2793, मार्च में ओपीडी 20 हजार 671, आइपीडी 3605, अप्रैल माह में ओपीडी 21 हजार 384 और आइपीडी 3414 रही, जिनका इलाज किया गया। अस्पताल में स्पेशल दर्द निवारक क्लिनिक चलाया जा रहा है, जिसमें फरवरी से मार्च तक कुल 304 मरीजों को लाभ मिला।
अस्पताल के जीर्णोद्धार के लिए दिए पांच करोड़
प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री टीएस सिंहदेव के द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष से अस्पताल के जीर्णोद्धार के लिए पांच करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है, ताकि इस अंचल के मरीजों को और भी बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। अस्पताल की कमियों को निरंतर दूर करने का प्रयास अस्पताल प्रबंधन के द्वारा किया जा रहा है। साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मरीजों को गुणवत्ता युक्त भोजन मिले इसके लिए रसोई से ही साफ थाली दी जाती है, जिसे बाद में कर्मचारियों के द्वारा कलेक्ट किया जाता है।
अधीक्षक रोजाना निकलते हैं राउंड में-
अस्पताल अधीक्षक डॉ.लखन सिंह के रोजाना अस्पताल में राउंड में निकलने और छोटी-छोटी कमियों की ओर स्टॉफ का ध्यानाकर्षण कराने से स्थिति में बदलाव आया है। चिकित्सक हों या नर्स सभी अपनी ड्यूटी में उपस्थित हैं या नहीं इस पर भी उनका विशेष ध्यान रहता है। अस्पताल में स्वच्छता बनी रहे, इसके लिए लिए गए शपथ के अनुरूप मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.रमनेश मूर्ति के साथ अस्पताल अधीक्षक डॉ.लखन सिंह, सलाहकार प्रियंका कुरील, नर्सिंग अधीक्षक व स्टॉफ ने अपने सहयोगी कर्मचारियों के साथ झाड़ू पोछा लगाने की शुरूआत की थी, यह परिपाटी बनी हुई है।

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