रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- कोरोना संक्रमण के चलते अंतरराज्य कन्हर बैरियर पर आज सुबह और बीती रात सख्ती के बाद अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया झारखंड की ओर एवं छत्तीसगढ़ की ओर सैकड़ों वाहनों की लाइनें लग गई वही घंटो लोग परेशान रहे स्थिति ऐसी हो गई इस जाम में रामानुजगंज के भी कई लोग फंस गए जो पैदल गोदरमाना गए थे वापस आने में बहुत देर इंतजार करना पड़ा। रामानुजगंज क्षेत्र का झारखंड के सरहदी क्षेत्रों का से बेटी रोटी का रिश्ता है। दोनों क्षेत्रों का व्यवसायिक, स्वास्थ्य, शिक्षा पारिवारिक रिश्ता है ऐसे में जब सरहद में सख्ती होती है तो स्थानीय लोग ही ज्यादा परेशान होते हैं।गौरतलब है कि अंतर्राज्यीय बैरियर कोरोना जांच एवं कोरोना टेस्ट रिपोर्ट दिखाने के बाद ही छत्तीसगढ़ में प्रवेश दिया जा रहा है वही सैकड़ों लोग ऐसे हैं जो रामानुजगंज क्षेत्र में रहते हैं एवं झारखंड के सरहदी क्षेत्रों में रहते हैं जिनका छत्तीसगढ़ एवं झारखंड आए जाए बिना काम ही नहीं चल सकता क्योंकि झारखंड के ग्राम गोदरमाना के दर्जनों दुकानदारों का दुकान रामानुजगंज में है वही यहां के अधिकांश बच्चे रामानुजगंज में ही ट्यूशन एवं स्कूल में पढ़ते हैं यहां तक की रामानुजगंज बाजार भी झारखंड के ग्राहकों पर ही ज्यादा निर्भर है ऐसे में जब जब सरहद में सख्ती होती है इसका ज्यादा खामियाजा झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के सरहद पर रहने वाले लोगों को ही उठाना पड़ता है।

झारखंड से मजदूर नहीं आए तो शासकीय एवं निजी निर्माण कार्य हो जाएंगे ठप्प…….. रामानुजगंज क्षेत्र में जितने शासकीय एवं निजी निर्माण कार्य को रहे हैं यहां 80% से अधिक मजदूर झारखंड के सरहदी गांवों के रहते हैं यदि वह आना बंद कर दिए तो रामानुजगंज क्षेत्र के सभी शासकीय एवं निजी निर्माण कार्य ठप्प हो जाएंगे।

घरों में नहीं पहुंच पाएगा दूध…… रामानुजगंज की बड़ी आबादी का दूध आपूर्ति झारखंड के गोदरमाना सहित अन्य गांवों से होता है ऐसे में जब जब सरहद में सख्ती होती है तब तक दूध का यहा भारी किल्लत हो जाती है स्थिति ऐसी हो जाती है कि छोटे बच्चों के लिए भी दूध नहीं मिल पाता है ऐसे में पाउडर दूध से ही लोग काम चलाते हैं।

झारखंड के सरहदी क्षेत्रों के दर्जनों गांव के लोग स्वास्थ्य सुविधा के लिए हैं रामानुजगंज पर है निर्भर………. झारखंड के गांव गोदरमाना लीलापत्थर बूढ़ा परास, 22 प्लॉट सहित दर्जनों गांव के लोग स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है यहां तक कि इस क्षेत्र में यदि कोई दुर्घटना भी होती है तो सबसे पहले मरीज को लेकर रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ही लाते हैं ऐसे में जब जब सरहद में सख्ती होती है तो झारखंड के सैकड़ों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

दर्जनों लोग नहीं पकड़ पाए ट्रेन……. बीती रात एवं आज सुबह पुलिश के सख्ती के बाद झारखंड से आने पर रोक लग गया था जिससे घंटो जाम की स्थिति निर्मित हो गई जिस कारण छत्तीसगढ़ के सैकड़ों लोग जो गढ़वा एवं गढ़वा रोड से ट्रेन पकड़ते के लिए जाने वाले थे वह समय पर नहीं जा पाए एवं उनका ट्रेन छूट गया।

रामानुजगंज के आधा दुकानों में लग जाएंगे ताले यदि झारखंड से नहीं आएंगी स्टाप…… आज सुबह जब पुलिस ने अंतरराज्य नाका में सख्ती दिखाई तो नगर के दुकानदारों की धड़कनें बढ़ गई कि अब हमारे स्टाफ कैसे आएंगे स्थिति ऐसी हो गई कि यदि स्टाफ झारखंड से नहीं आते तो आधा से अधिक दुकानों में ताला लगाना पड़ जाता।

झारखंड के दर्जनों कर्मचारी रहते हैं छत्तीसगढ़ में……. झारखंड के रंका प्रखंड एवं भंडरिया प्रखंड के सैकड़ों शासकीय कर्मचारी बेहतर सुविधा लाइट के चलते रामानुजगंज में रहना पसंद करते हैं ऐसे में उन्हें प्रतिदिन आना जाना पड़ता है पिछले लाकडाउन में तो सभी कर्मचारी परेशान हुए वहीं जब-जब लाकडॉउन लगता है ऐसे में झारखंड के कर्मचारियों को भी परेशान होना पड़ता है।

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