सोमवार को मृतक का शव लेकर कांग्रेस नेता पहुंचे बरगीडीह अस्पताल, जमकर नारेबाजी
एसडीएम, नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी पहुंचे मौके पर, चिकित्सक को डुमरडीह भेजा

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना अंतर्गत बरगीडीह में एक पहाड़ी कोरवा युवक जंगल में बने एक बिल में हाथ डाला और उसे सांप काट लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद स्वजन, कांग्रेस नेताओं के साथ मृतक का शव लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगीडीह पहुंच गए। इनके द्वारा डॉक्टर को हटाने की मांग करते हुए अस्पताल प्रबंधन के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की गई। आरोप था कि युवक को सर्पदंश के बाद बरगीडीह अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां डॉक्टर नहीं थे। नर्स मौजूद थी, जिसने सामान्य इंजेक्शन लगाया और पीडि़त को रेफर कर दिया। इसके बाद काफी देर तक एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पाई। पुन: स्वजन उसे झाडफ़ूंक के लिए लेकर चले गए। पीडि़त युवक को अस्पताल लाने के पहले स्वजनों ने लगभग चार घंटे झाडफ़ूंक में बिता दिया था। अस्पताल के सामने शव रखकर प्रदर्शन के बाद बरगीडीह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ चिकित्सक को डुमरडीह भेज दिया गया है।


जानकारी के मुताबिक खाराकोना बरगीडीह निवासी बागर साय पिता कलेक्टर 25 वर्ष, रविवार को जंगल में चूहा पकडऩे गया था। अपरान्ह करीब तीन बजे चूहा पकडऩे के लिए बिल में हाथ डाला, इस दौरान उसे कुछ काटने का आभास हुआ। जब वह झटके में हाथ को बाहर खींचा तो गेंहुअन सांप निकला। इसके बाद मृतक अपने घर आया और सांप काटने की जानकारी दिया। स्वजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में ही एक बैगा से झाड़-फूंक कराने चले गए। यहां शाम चार से सात बजे तक उसका झाड़-फूंक कराते रहे, जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे बरगीडीह स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, उस वक्त वहां डॉक्टर नहीं थे। नर्स ने बागर साय को राहत देने के लिए इंजेक्शन लगाया गया, इसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाने कहा गया, लेकिन एंबुलेंस काफी देर तक नहीं पहुंची और वे उसे पुन: मानपुर में रहने वाले एक कथित वैद्य, बैगा के यहां लेकर चले गए। यहां झाड़-फूंक के बाद वैद्य ने कुछ दवा पिलाया, लेकिन आराम नहीं मिला और रात लगभग 10.30 बजे उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को मिली और हलीम फिरदौसी, पप्पू खान, अनिल गुप्ता, दिनेश गुप्ता, अनवर फिरदौसी, राजाराम, आसिफ इकबाल सहित अन्य शव को लेकर पहाड़ी कोरवाओं के साथ नारेबाजी करते बरगीडीह अस्पताल पहुंच गए। इनका कहना था कि अस्पताल में डॉक्टर मौजूद रहते तो शायद ऐसी नौबत नहीं बनती। चिकित्सक अनुमेष मिश्रा के अस्पताल में नहीं रहने को लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। इनका कहना था कि अस्पताल में स्नेक बाइट होने के बाद भी चिकित्सक की मौजूदगी नहीं रहने के कारण उसे जीवनरक्षा का डोज नहीं मिला। कांग्रेस नेता हलीम फिरदौसी का कहना है कि डॉक्टर की लापरवाही के चलते पहाड़ी कोरवा युवक की जान गई है। चिकित्सक के रहने पर कम से कम उसे स्नेक बाइट का डोज मिल सकता था।
होगी जांच-कार्रवाई-सीएमएचओ
सीएमएचओ डॉ.पीएस सिसोदिया का कहना है कि बरगीडीह स्वास्थ्य केंद्र में आयुर्वेदिक डॉक्टर पदस्थ हैं, रविवार को वे अस्पताल में मौजूद नहीं थे। नर्स ने मृतक को डेकाड्रोन का इंजेक्शन लगाया था। बरगीडीह अस्पताल से रेफर करने के बाद स्वजन उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाने के बजाए झाडफ़ूंक कराने मानपुर ले गए थे।
एसडीएम सहित अन्य अधिकारी पहुंचे-
बरगीडीह अस्पताल के सामने पहाड़ी कोरवा युवक का शव रखकर नारेबाजी करने की सूचना जैसे ही जिला व स्वास्थ्य प्रशासन को मिली मौके पर एसडीएम प्रदीप साहू, नायब तहसीलदार अनिरूद्ध मिश्रा पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से चर्चा के बाद जांच, कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। इसके बाद पहाड़ी कोरवा युवक का शव स्वजन अंतिम संस्कार के लिए लेकर रवाना हुए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अस्पताल में रहते हुए स्नेक बाइट का डोज नहीं मिल पाना यहां के जिम्मेदारों में स्वास्थ्य सेवा के प्रति कमी को दर्शाता है।
अंतिम संस्कार के लिए सरपंच ने दी सहायता राशि-
मृत पहाड़ी कोरवा के परिवार की माली स्थिति को देखते हुए पंचायत की ओर से अंतिम संस्कार के लिए चार हजार रुपये सहायता राशि प्रदान की गई है। ग्राम पंचायत खाराकोना के सरपंच तुलेश्वर पैकरा ने उक्त राशि ग्रामीणों व अन्य लोगों के सामने पीडि़त परिवार को प्रदान की और गांव के लोगों को अंतिम संस्कार में मदद करने के लिए कहा। इसके बाद मृतक के शव को गांव लाकर अंतिम संस्कार किया गया।
बीएमओ डॉ.इमरान ने बताया-
मृतक को लगभग चार घंटे झाडफ़ूंक कराने के बाद बरगीडीह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया था। नर्स ने उसे इंजेक्शन लगाया था। कुछ देर रूकने के बाद सर्पदंश से पीडि़त को स्वजन लेकर चले गए थे, इनके द्वारा पुन: झाडफ़ूंक कराया गया, इसी बीच उसकी मौत हो गई। सुबह मृतक के शव को लेकर स्वजन सहित अन्य बरगीडीह स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे, यहां भी सुबह 10 बजे किसी बैगा से झाडफ़ूंक कराया जा रहा था।

Categorized in: