रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- जिले के अधिकांश सहकारी समितियों में बारदाना के अभाव में धान खरीदी आज से बंद हो गई या बंद होने की स्थिति में आ गई है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति महावीरगंज एवं त्रिकुंडा सहित अन्य समितियों में बारदाना के अभाव में खरीदी बंद है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति महावीरगंज में 1226 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है जिसमें 688 किसान अब तक धान बेच चुके है। 538 किसान अब तक अपना धान नहीं नहीं बेच सके हैं वही आज से बारदाना खत्म हो जाने से धान खरीदी भी बंद हो गया है। यह सिर्फ भंवरलाल  सहकारी समिति की स्थिति नहीं है वरन जिले के अधिकांश सहकारी समितियों में बारदाने के अभाव में धान खरीदी बंद हो गया है या बंद होने की स्थिति में आ गया है।

                                             गौरतलब है कि बलरामपुर रामानुजगंज जिले में 39 धान उपार्जन केंद्रों में धान की खरीदी हो रही है परंतु बारदाने के अभाव में अधिकांश समितियों में धान खरीदी बंद हो गई है या बंद होने की स्थिति में आ गई है। भवरमाल सहकारी समिति में अब तक 100942 बारदाने में खरीदी हुई है वही अब खरीदी के लिए प्रतिदिन 8000 बारदाना चाहिए तभी जाकर बचे हुए 538 किसानों का धान खरीदा जा सकता है।बारदाने के अभाव में धान खरीदी बंद होने से टोकन कटने के बाद धान लेकर आए किसान बहुत ही चिंतित है एक ओर जहां मौसम खराब हो रहा है वहीं दूसरी ओर खरीदी नहीं होने से किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है कि वह अपने धान की सुरक्षा कैसे करें।

बफर लिमिट से कई गुना अधिक धान पड़ा हुआ है समितियों में- जिले की सहकारी समितियों के बफर लिमिट से कई कई गुना ज्यादा धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है जिसका उठाव नहीं हो पा रहा है इससे समितियां भी चिंतित हैं।

मौसम में आए बदलाव से बढ़ सकती है परेशानी- मौसम में जिस प्रकार से बदलाव आया है यदि बूंदाबांदी होती है तो समितियों में धान बेचने आए किसानों के जहां धान भीगेंगे वहीं खुले आसमान के नीचे रखें धान को भी बचाना सहकारी समितियों के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी ऐसे में किसान एवं सहकारी समितियां दोनों चिंतित हैं कि धान का उठाव नहीं हो पा रहा है।

इस संबंध में डीएमओ अरुण विश्वकर्मा का पक्ष जानने के लिए कई बार उनके मोबाइल नंबर पर फोन किया गया परंतु उनके द्वारा रिसीव नहीं किया गया जिससे उनका पक्ष नहीं जाना जा सका।

Categorized in: