रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)लॉकडाउन के कारण बसे जहां पूर्णता बंद थी वहीं शासन के आदेश के बाद 5 जुलाई से बसों का परिचालन शुरू हुआ है मुश्किल से रामानुजगंज एवं अंबिकापुर के बीच जहां दर्जनों बसे चलती थी वही मात्र 3 बसें ही चलना प्रारंभ हुई है। कोरोना के कारण जिस प्रकार से यात्री घरों से बहुत ही कम निकल रहे इससे जो बसें चल रही हैं उनके डीजल तक का पैसा नहीं निकल पा रहा है ऐसे में बसे और कितने दिन चलेगी यह कहा नहीं जा सकता।
 

गौरतलब है कि रामानुजगंज एवं अंबिकापुर के बीच दर्जनों बसें दिन भर में चलती थी परंतु लॉकडाउन के कारण बसों का परिचालन पूर्णता बंद हो गया था इस बीच शासन के आदेश के बाद 5 जुलाई से बसे चलना प्रारंभ हुई तो मात्र 3 बसें ही रामानुजगंज एवं अंबिकापुर के बीच चल रही है जहां दर्जनों बसें चलती थी वहां मात्र 3 बस चलने के बाद भी यात्री बहुत ही कम घरों से निकल रहे हैं स्थिति ऐसी है कि बस मालिक डीजल तक का पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं।

लॉकडाउन के पहले भरी रहती थी बसें – लॉकडाउन के पहले रामानुजगंज एवं अंबिकापुर के बीच दर्जनों बसें चलती थी परंतु शायद ही कोई ऐसा बस होगा जिसमें सीट पूरा भरा नहीं रहता होगा परंतु अब जब मात्र 3 बसें चल रही है तो भी यात्री घरों से बिल्कुल नहीं निकल रहे हैं।
झारखंड में बंद है बस सेवा – एक ओर जहां छत्तीसगढ़ में इक्का-दुक्का बस तो चल रही है परंतु झारखंड में अभी भी बस सेवा बहाल नहीं हो पाई है। छत्तीसगढ़ से दर्जनों बसें झारखंड के विभिन्न शहरों तक जाती थी।परंतु वहा बस परिचालन नही होने से सारी बसे रामानुजगंज तक ही आ रही है।

बंद हो सकती है बसे- बस मालिकों का कहना है कि यदि कुछ दिनों तक और इसी प्रकार से बसों में यात्री नही मिलेंगें तो हम लोगों को मजबूरी में बस को बंद करना पड़ेगा। बस चला कर हम लोगों को लगातार घाटा सहना पड़ रहा है।

इस संबंध में बस मालिक सत्यानंद पांडे ने कहा कि शासन के आदेश के बाद बस तो हम चला रहे हैं परंतु ऐसी स्थिति है कि डीजल तक का पैसा नहीं निकल पा रहा है कल तो मात्र अंबिकापुर से रामानुजगंज आने के लिए तीन सवारी ही मिले थे।

इस संबंध में झारखंड के बस मालिक बबलू सिंह ने कहां की झारखंड में लगातार कोरेना के मरीज बढ़ने के कारण अभी झारखंड में बस सेवा प्रारंभ नहीं हो पाया है।

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