लगातार 18 घंटे तक विद्युत आपूर्ति रहा बंद

अंधेरे की आगोश में डूबा रहा सरहदी क्षेत्र

रामानुजगंज(पृथ्वीलाल केशरी)
बलरामपुर रामानुजगंज जिले में मूलभूत सुविधाओं को लेकर आए दिन लोगों को कोई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा ऐसा प्रतीत होता है कि जिले में जंगल राज्य कायम हो गया जिसके कारण लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है बिजली विभाग के कर्मचारियों को फालट खोजने में 18 घंटे का समय
लग गया इस दौरान लोग काफी परेशान दिखे। 2 मार्च 2024 को शाम 6:30 बजे अचानक विद्युत आपूर्ति बंद हो गई लोगों ने सोचा कि मामूली फॉल्ट आया होंगा विद्युत आपूर्ति बहाल हो जाएगी लेकिन काफी घंटा बीतने के बाद पता चला कि 132 केव्ही में फॉल्ट आ गया है और काफी लंबा समय लग सकता है लेकिन लोगों को यह विश्वास नहीं था कि 18 घंटे का समय व्यतीत हो जाएगा। तातापानी सब स्टेशन से संचालित होने वाले विद्युत आपूर्ति से हजारों उपभोक्ता काफी परेशान रहे। व्ही विभागीय सूत्र बताते हैं कि राजपुर से 25 किलोमीटर दूर एवं प्रतापपुर से 5 किलोमीटर दूर स्थापित टावर में फाल्ट आ जाने के कारण लोगों को 18 घंटे तक विद्युत आपूर्ति के लिए इंतजार करना पड़ा। जिसके कारण लगातार 18 घंटे बिजली गुल रहने से लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा बिजली न होने से लोगों के घरों में पेयजल की किलत एवं घरों में लगे इनवर्टर भी काम करना बंद कर दिया। बिजली,पानी,और मोबाइल न होने पर लोगों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वॉट की राजनीति करने वाले जनप्रतिनिधियों के द्वारा लगातार जगह-जगह पर सब स्टेशन खोलने की होड़ सी मची हुई है लेकिन इस उपभोक्ताओं को बेहतर व्यवस्था देने के लिए संसाधन जुटाने में कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही है। वहीं विद्युत उपभोक्ताओं के बिलों में बेतहाशा वृद्धि होने के बाद भी विभाग सुनवाई करने से लगातार इनकार कर रहा है जिसके चलते उपभोक्ताओं को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इस दिशा में सुनने वाला कोई नहीं है ऐसा प्रतीत होता है कि बलरामपुर रामानुजगंज जिले में भारी भरकम वेतन लेने वाले कभी भी उपभोक्ताओं के दुख दर्द का ख्याल नहीं करते जबकि जिले के तत्कालीन कलेक्टरों के द्वारा कई बार विद्युत विभाग के शिकायत प्राप्त होने पर उनको सख्त निर्देश दिया गया है कि अपने सब स्टेशन से जुड़े हुए उपभोक्ताओं का प्रत्येक माह शिविर के माध्यम से उनके समस्याओं का समाधान किया जाए। लेकिन लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारी के द्वारा इस दिशा में कभी कोई पहल नहीं की जाती हैं जिसके कारण उपभोक्ताओं की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती चली जा रही है। विद्युत विभाग के द्वारा जिनके घरों के लाखों रुपए बकाया है उनसे कुछ आर्थिक मदद लेकर उनको छोड़ दिया जाता है और उनको बिजली जलाने कि खुली छूट दे दी जाती है लेकिन वही दो हजार बकाया वाले लोगों को ऐसा मानसिक प्रस्तावना दिया जाता है कि उनको अपने घरों का सामान बेचकर बिल का भुगतान करना पड़ता है यदि उपभोक्ताओं से जुड़ी हुई समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो कभी भी उग्र रूप प्रशासन को झेलना पड़ सकता है ?

Categorized in: