आसपास के दुकान जलकर खाक, एक करोड़ से अधिक की पहुंची क्षति

अंबिकापुर। शहर के अम्बेडकर चौक में स्थित दुकानों में हुई भीषण आगजनी से एक करोड़ से अधिक का सामान जलकर राख हो गया। घटना मंगलवार अलसुबह गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत हुई। भीषण आग की शुरुआत फर्नीचर शोरूम से हुई, जिसने देखते ही देखते आसपास की सभी दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस बीच रसोई गैस सिलिंडर के ब्लास्ट होने से ऐसा धमाका हुआ, कि दूर-दूर तक आवाज गूंज गई, आसपास रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। सिलिंडर का धमाका होने के बाद आग और अधिक भड़क गई। सूचना मिलने पर अग्निशामक वाहन के साथ फायर स्टेशन के कर्मचारी पहुंचे, और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। भीषण आग को बुझाने के लिए एयरपोर्ट, पुलिस के वज्र वाहन और अडानी के वाहनों का सहारा लेना पड़ा। आग की तीव्रता देखकर आसपास स्थित दुकानों के संचालक भी सहमे हुए थे। दीवार गर्म होने से अंदर रखे सामानों के खराब होने का खतरा बना हुआ था। आग लगने का प्रारंभिक कारण शार्ट-सर्किट माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक अम्बेडकर चौक से लगा मनेन्द्रगढ़ रोड निवासी राकेश अग्रवाल का मारूति फर्नीचर नामक फर्म है। इससे लगा मारूति ऑटो, सक्षम ई-रिक्शा, निहारिका ऑटो डील, सेकेंड हैंड दोपहिया वाहनों सहित अन्य दुकानें हैं। सोमवार की रात को दुकान संचालक रोजाना की भांति अपनी दुकानें बंद करके घर चले गए थे। मंगलवार को अलसुबह करीब 4.30 बजे उन्हें मोबाइल फोन पर किसी राहगीर ने दुकान में आग लगने की सूचना दी। जब वे मौके पर पहुंचे तो उनके दुकान का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से आग की चपेट में आ गया था। आग की लपटें काफी ऊंचाई को छू रही थी, जिसे देखकर आसपास मौजूद लोग सहम गए। इसकी सूचना डॉयल 112, अग्निशामक विभाग को दी गई। इस बीच आग फैलते हुए पास ही स्थित एक चाय-नाश्ते की दुकान तक पहुंच गई थी। यहां रखे गैस सिलिंडर में विस्फोट हुआ और दुकान के परखच्चे उड़ गए। इसके बाद आग तीव्र होते चली गई और राकेश अग्रवाल का फर्नीचर फैक्ट्री भी आग की चपेट में आ गया। दुकान संचालक ने फायर ब्रिगेड में सूचना देने के बाद भी वाहन देर से पहुंचने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया आग की चपेट में ई-रिक्शा, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, फर्नीचर, अलमारी, सजावट सहित कई कीमती सामान जलकर खाक हो गया।

निहारिका ऑटो डील, सर्विसिंग दुकान के संचालक ललित गोयल को भी आग लगने की घटना में काफी क्षति पहुंची है। इनके दुकान में रखा लाखों रुपये का ऑटो पार्ट्स जल गया, वहीं कई दोपहिया वाहनें आग की चपेट में आ गई। सुरक्षित सामानों को उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों और स्वजन के सहयोग से बाहर निकलवाया। घटना के बाद अम्बेडकर चौक और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अलावा गांधीनगर थाना प्रभारी और यातायात पुलिस पहुंची। सिलिंडर फटने से हुए धमाका और भीषण आग को देखते हुए मार्ग में बैरीकडिंग करके आवागमन रोक दिया गया था।

आग पर काबू करने में लग गए लगभग 5 घंटे
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर होमगार्ड के अग्निशमन विभाग की एक-एक करके पांच वाहनें पहुंची। स्थिति को काबू में करने के लिए एयरपोर्ट से आग बुझाने के लिए विशेष दमकल वाहन को बुलाया गया, वहीं पुलिस विभाग के वज्र वाहन, अडानी के अग्निशामक वाहन को भी बुलाया गया था ताकि आग बुझाने का क्रम न टूटने पाए। सभी ने संयुक्त रूप से आग बुझाने पूरी ताकत झोंक दी, जिससे बेकाबू आग की तीव्रता कम हुई और आसपास के अन्य दुकान सुरक्षित रहे। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि भीषण अग्निकांड में कोई हताहत नहीं हुआ। आग लगने का वास्तविक कारण सामने नहीं आया है। एक ओर शार्ट-सर्किट की बात हो रही है, वहीं फर्नीचर फैक्ट्री में काम करने वाले कारीगरों और इनके सहयोगियों के द्वारा आग जलाकर तापने जैसी बातें भी सामने आई है।

अग्निशमन विभाग की व्यवस्था चरमराने का आरोप
अम्बेडकर चौक में स्थित दुकानों में आग लगने की सूचना अलसुबह 4.45 बजे अग्निशामक विभाग को मिली थी, ऐसा दमकल वाहनों के साथ आए कर्मचारियों का कहना था। वहीं आग करीब 3.30 से 04 बजे के बीच दुकान में लगने की चर्चा हो रही थी। दुकान संचालक मनोज अग्रवाल और राकेश अग्रवाल का कहना है कि 4 बजे दुकान में आग लगने की सूचना मिलने के बाद 4.10 में उन्होंने अग्निशामक विभाग को अवगत करा दिया था, इसके बाद एक दमकल वाहन पहुंची, जिसका नोजल नहीं काम कर रहा था। दूसरी वाहन को आने में एक घंटे लग गए। हालांकि इसके बाद अग्निरोधक दस्ते ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की। दुकान संचालकों का आरोप है कि नगर सेना के हाथ में अग्निशामक विभाग के जाने के बाद पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। बीते वर्ष 5 नवम्बर को उनके गोदाम में भी आग लगने की घटना हुई थी, इस दौरान एक दमकल वाहन को भेजा गया, जबकि 9 दमकल पानी लगा, और 4-5 घंटे बाद आग बुझाने में सफलता मिल पाई थी।

अत्याधुनिक संसाधनों से पूर्ण हो अग्निशमन विभाग
शहर में स्टेडियम ग्राउंड के पास स्थित एक होटल में भीषण आगजनी के बाद होमगार्ड के अग्निशामक दस्ता के पास अत्याधुनिक संसाधनों की कमी सामने आई थी। यहां लगी आग को बुझाने में पुलिस के वज्र वाहन और एयरपोर्ट फायर इंजिन वाहन की भूमिका अहम रही। मंगलवार को सामने आई घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने अग्निशामक दस्ते को आधुनिक वाहनों और संयंत्र उपलब्ध कराने की जरूरत महसूस की है, ताकि आपात परिस्थितियों में इनकी सक्षम भूमिका सामने आ सके।

 

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