उत्तर प्रदेश के शूटरों को 10 लाख में घरवालों ने ही दी हत्या की सुपाड़ी, शूटर फरार


पिता, बहन-बहनोई, छोटा भाई कपिल व उसकी पत्नी सहित 11 गिरफ्तार
बिलासपुर पुलिस सुलझाई संजू उर्फ प्राणनाथ त्रिपाठी के हत्या की गुत्थी  


अंबिकापुर। बिलासपुर के शैलेंद्रनगर, अमेरी निवासी संजू उर्फ प्राणनाथ त्रिपाठी की हत्या के लिए हथियार व कारतूस की डिलीवरी तस्कर ने अंबिकापुर मेें दी थी। हत्या के लिए दो माह पूर्व से ही संजू के पिता व छोटा भाई कपिल शूटरों के इंतजाम में लग गए थे। प्रेम श्रीवास के साथ कपिल ने रायगढ़ के हिस्ट्री शीटर अजय यादव से संपर्क किया। इसके बाद झारखंड के हथियार सप्लायर से दो लाख रुपये में दो पिस्टल व 10 राउंड गोली खरीदा। हत्या का कारण पैतृक संपत्ति व अवैध संबंध सामने आया है। पुलिस ने 11 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया है, शुटर की तलाश में पुलिस लगी है।
बिलासपुर पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पांच दिन में मामले का पर्दाफास किया है। जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश उसके पिता, भाई कपिल, पत्नी, मुंहबोली बहन, बहनोई व दोस्तों ने दो माह पहले रची थी। हत्या के लिए 10 लाख रुपये में उत्तर प्रदेश के शूटरों से सौदा हुआ था। हत्या की योजना के अनुसार घटना दिनांक 14 दिसंबर को फार्म हाउस से लौटते समय रास्ते में ब्रेकर पर संजू की कार के धीमा होते ही शूटरों ने अंधाधुंध फायरिंग की। हत्या की योजना में शामिल भाई नेपाल भागने की तैयारी में था, जिसे पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
बिलासपुर पुलिस उप-महानिरीक्षक पारुल माथुर ने अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए बताया कि घटना दिनांक 14 दिसंबर को आरोपियों ने सकरी बाइपास पर हत्या की योजना बनाई। फार्म हाउस से आ रहे संजू ने जैसे ही रोड ब्रेकर पर गाड़ी धीमी की, नीले रंग की बलेनो कार में पहुंचे शूटरों ने अंधाधुंध फायरिंग की। दूसरी तरफ खड़े तीन शूटरों ने भी संजू पर गोलियां चलाईं। संजू को संभलने का मौका नहीं मिला और 10 गोलियां उसके शरीर को भेद दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग रास्ते से छिपते-छिपाते दिल्ली पहुंच गए। भाई कपिल यहां से नेपाल भागने में सफल होता, इसके पहले पुलिस की तकनीकि टीम ने दिल्ली व लखनऊ पुलिस के सहयोग से इन्हें अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस उप महानिरीक्षक ने बताया कि पुलिस जांच में मिले साक्ष्य से पता चला कि संजू की हत्या करने के लिए पिता, पुत्र, पुत्र वधू, दत्तक पुत्री व दामाद सहित अन्य ने प्लानिंग कपिल के घर में की थी। शूटरों के आने व भागने की पूरी रूपरेखा भी इन्होंने तैयार की थी।
पांच शूटरों ने दिया वारदात को अंजाम
घटना दिनांक 14 दिसंबर को संजू अपने फॉर्म हाउस सांवाताल से निकला था, इसी दौरान वहां पहले से मौजूद अमन गुप्ता, भरत तिवारी, आशीष तिवारी, रवि तिवारी व प्रेम श्रीवास ने अमन की कार क्रमांक सीजी 10 एक्स 5566 से संजू का पीछा किया। जैसे ही संजू कार से खनिज नाका चौक की ओर बढ़ा, अमन गुप्ता व भरत ने शूटरों को उसके आने की सूचना दी। संजू की कार रोड ब्रेकर पर धीमी हुई और कुछ फासले पर खड़ी नीले रंग की बलेनो कार सीजी 10 एफ 1372 से दो शूटर संजू की कार के पास पहुंचे और गोली दागना शुरू कर दिए। गोली चलते ही दूसरी  सफेद रंग की डिजायर कार से तीन शूटर उतरे और गोली चलाने लगे। संजू की मौत के बाद शूटर रायपुर बाइपास पकड़ कर कोटा की ओर निकल लिए।
पुलिस ने इन्हें किया गिरफ्तार
मृतक संजू के पिता जय नारायण त्रिपाठी 73 वर्ष निवासी शनिचरी बाजार, भाई कपिल त्रिपाठी 38 वर्ष, भाई की पत्नी सुचित्रा त्रिपाठी 36 वर्ष, दत्तक पुत्री निवासी शनिचरी बाजार, भरत तिवारी पिता रामफल 42 वर्ष, आशीष तिवारी पिता विजय 29 वर्ष, रवि तिवारी पिता व्यास 32 वर्ष, राजेंद्र सिंह ठाकुर, अमन गुप्ता पिता यशवंत 23 वर्ष निवासी मुंगेली नाका, प्रेम श्रीवास उर्फ बजरंग पिता राजेश 30 वर्ष, घुरु अमेरी निवासी सुमित निर्मलकर पिता पंचराम 24 वर्ष। हत्या के बाद नेपाल भाग रहे भाई कपिल त्रिपाठी को दिल्ली व सुमित निर्मलकर को लखनऊ में पकड़े गए।

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