नियुक्तियों को लेकर मचा घमासान कांग्रेस के अलोकतांत्रिक चापलूस-पसंद होने पर मुहर है, सवाल दागा- क्या कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी अब ऐसे लोगों की नियुक्ति का अनुमोदन करने लगी हैं?


रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सिंहदेव ने प्रदेश सरकार के हाल ही निगम-मंडलों में की गई नियुक्तियों को लेकर क़रारा कटाक्ष करते हुए कहा है कि अब तक तो कांग्रेस में ठगों-धोखेबाजों और ज़ेल की सजा तक भुगत चुके लोगों का बोलबाला एक सामान्य बात मानी जाती थी, लेकिन अब तो न केवल प्रदेश की कांग्रेस की सरकार ने ठगी-धोखाधड़ी के आपराधिक चरित्र के और दहेज मामले में ज़ेल जा चुके एक सजायाफ़्ता को पद देकर उपकृत करने का शर्मनाक कृत्य किया है, अपितु इस नियुक्ति-सूची को ‘कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी ने अनुमोदित’ बताकर बाक़ायदा उसकी अनुशंसा मुख्य सचिव को करने संबंधी प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई है, जो इन दिनों सोशल मीडिया में बेहद वायरल हो रही है। अनुराग सिंहदेव ने सवाल दागा कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी अब ऐसे लोगों की नियुक्ति का अनुमोदन करने लगी हैं? और, यदि ऐसा है तो अब कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार को ठगों-धोखेबाजों के लिए अलग से एक प्रकोष्ठ और विभाग ही बना लेना चाहिए। अनुराग सिंहदेव ने नियुक्तियों को लेकर कांग्रेस में मचे घमासान के मद्देनज़र भी कहा कि यह कांग्रेस के उस राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन है, जिसमें कार्यकर्ताओं की भावनाओं की उपेक्षा करके अपने मनमाने फैसले लादे जाने की प्रवृत्ति हावी है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल ही शाकम्भरी बोर्ड में जिस रामकुमार पटेल को अध्यक्ष पद देकर सम्मानित किया गया है, वह पटेल दरअसल न केवल ठगी का घोषित अपराधी अपितु दहेज हत्या के मामले में सात साल की सजा तक भुगता हुआ बताया गया है। उक्त आरोपी ने क़रीब 6 पहले बिलासपुर आईजी बनकर अपने भतीजे को बीएड में दाख़िले के लिए फॉर्म ‘किसी भी तरह’ जमा करने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव को फोन करके दबाव बनाया था। इधर मई, 2010 में रामकुमार व अन्य लोगों को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा सरोजनी पटेल की मौत के मामले में रामकुमार समेत तीन लोगों को धारा 304 बी के तहत सात साल और 498 ए के तहत एक साल की सजा सुनाई थी। इसी तरह पामगढ़ जनपद पंचायत सदस्य रामकुमार के विरुद्ध चुनाव के लिए शपथ पत्र में झूठी जानकारी देने और आपराधिक प्रकरण छिपाने के एक मामले में 19 जुलाई को सुनवाई होनी है। यह सारा वाकया यह संकेत करता है कि आपराधिक तत्वों को न केवल कांग्रेस की शह मिली हुई है, अपितु ऐसी आपराधिक प्रवृत्ति के लोग कांग्रेस में रहकर ‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षा के अनुमोदित’ होकर उसकी प्रदेश सरकार ने पुरस्कृत-उपकृत भी हो रहे हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने निगम-मंडलों में नियुक्ति के लेकर कांग्रेस में मचा घमासान कांग्रेस के अलोकतांत्रिक होने पर तो मुहर है ही, यह इस बात को जगज़ाहिर करता है कि कांग्रेस में निष्ठा के साथ काम कर रहे कार्यकर्ताओं पर वे लोग हावी हैं जो चापलूसी करके सत्ता के गलियारे में चहलक़दमी कर रहे हैं। अनुराग सिंहदेव ने कहा कि कार्यकर्ताओं को उनकी योग्यता के मुताबिक़ ज़िम्मेदारी देने के बजाय जिस तरह रेवड़ियाँ बाँटने का काम इन नियुक्तियों के नाम पर हुआ है, उससे कांग्रेस में कार्यकर्ताओं का दम घुटता नज़र आ रहा है और उपेक्षा के दर्द से कराहते कई कार्यकर्ताओं ने पदभार लेने से अपने इंक़ार का सार्वजनिक ऐलान कर चुके हैं। अनुराग सिंहदेव ने दहेज हत्या मामले में ज़ेल जा चुके और ठगी के आरोपी हों या कांग्रेस के लोग ही जिन्हें पहचानते तक न हों, ऐसे लोगों की नियुक्ति को सोनिया गांधी ने अनुमोदित बताकर प्रदेश कांग्रेस के नेता और प्रदेश सरकार ने बता दिया है कि कांग्रेस की रीति-नीति अब ‘तेरा-मेरा’ पर आधारित हो चली है।

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